पाटन। दो माह पहले असमय आई गंगा नदी की बाढ़ ने बीघापुर तहसील क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को बर्बाद कर दिया। बाढ़ में लोगों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हुई। काफी लोगों की गृहस्थी भी बर्बाद हुई। शासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों को राहत राशि देकर उनकी सहायता करने का मंसूबा भी सर्वे लेखपालों की मनमानी से पूरा नहीं हो सका। बाढ़ का सर्वे करने वाले लेखपालों ने कई गांवों तक बिना जाए ही पीड़ितों की सूची तैयार कर दी। इससे सभी पीड़ितों को मदद नहीं मिलेगी।
दूलीखेड़ा पूर्व प्रधान समेत कई लोगों ने तहसील प्रशासन को इस मनमानी से अवगत कराया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। कई शिकायतों के बावजूद तहसील प्रशासन ने बाढ़ राहत से वंचित रह गए किसानों को राहत पहुंचाने के लिए कुछ नहीं किया। बाढ़ प्रभावितों का कहना है कि अभी भी सैकड़ों किसान सहायता राशि से वंचित हैं। अपना हक पाने के लिए अब वह रोजाना तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। तहसीलदार दिलीप कुमार ने बताया कि सर्वे के बाद प्राप्त हुई सूची के आधार पर बाढ़ राहत राशि दी जा चुकी है। अब इसमें संशोधन की गुंजाइश कम है।