मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में चयनित बच्चों को बैग व उपहार देते डीएम रवींद्र कुमार, जिला प्रोवेश?
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उन्नाव। कोरोना से अपनों को खो चुके बच्चों के घर डीएम समेत अन्य जिलास्तरीय अधिकारी पहुंचे। मिशन मुस्कान के तहत उन्हें कपड़े, स्कूली बैग व चाकलेट समेत अन्य सामग्री दी। अभिभावकों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
कोरोनाकाल में माता या पिता अथवा दोनों को खोने वाले बच्चों के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की है। इसके तहत प्रत्येक बच्चे को चार हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण के लिए दिया जाना है। योजना के तहत जिले में 40 बच्चे चयनित हुए हैं। मंगलवार को डीएम के साथ अन्य अधिकारी बच्चों के घर पहुंचे और उन्हें योजना का स्वीकृति पत्र देते हुए उपयोग में लाई जाने वाली सामग्री वितरित की। डीएम रवींद्र कुमार व जिला प्रोबेशन अधिकारी रेनू यादव सिकंदरपुर सरोसी के ग्राम दोस्तीनगर पहुंचे और प्रभावित परिवार एवं बच्चों से मिले। इसके बाद बच्चों के उपयोग के वस्त्र, स्कूली बैग, चाकलेट एवं अन्य सामग्री के साथ योजना का स्वीकृति पत्र दिया।
जिला विकास अधिकारी मनीष कुमार व पंचायत सचिव पुत्तनलाल पाल ने सिविल लाइन, डीआईओएस राजेंद्र कुमार पांडेय ने आवास विकास कालोनी, डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव ने ग्राम बंथर, बीएसए जय सिंह ने ग्राम जिंदासपुर हसनगंज, उपायुक्त एनआरएलएम चंद्रशेखर ने बलवंतखेड़ा में बच्चों को सामग्री दी। जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह ने ग्राम अकरमपुर, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विनय उत्तम ने काशीराम कालोनी, जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने सिविल लाइन, मनरेगा उपायुक्त राजेश झा ने दरियाईखेड़ा समेत अन्य अधिकारियों ने भी बच्चों के घर जाकर स्वीकृति पत्र व सामग्री उपलब्ध कराई।