उन्नाव। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मेडिकल आफिसर की कमी से अब ओपीडी भी प्रभावित होने लगी है। इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए ओपीडी के डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इससे ओपीडी के डॉक्टर पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मेडिकल आफिसर के चार पद सृजित हैं। हालांकि यहां मात्र तीन डॉक्टर ही तैनात हैं। ऐसे में एक डॉक्टर की कमी को पूरा करने के लिए ओपीडी के डॉक्टर से इमरजेंसी वार्ड में भी ड्यूटी कराई जा रही है। हर सप्ताह बनने वाले रोस्टर में तीन मेडिकल आफिसर के अलावा एक ओपीडी के डॉक्टर की भी ड्यूटी लगाई जाती है। ओपीडी में ड्यूटी करने के बाद हर सप्ताह डॉक्टर को इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है।
सीएमएस डा. एम लाल ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में मेडिकल आफिसर के तौर पर डा. आशीष, डा. गौरव व डा. दिनेश की नियुक्ति है। एक डॉक्टर की कमी के चलते रोस्टर पूरा करने के लिए ओपीडी के डॉक्टर की मदद ली जाती है। बारी बारी से ओपीडी के डॉक्टर की ड्यूटी लगाई जाती है। ओपीडी का समय खत्म होने के बाद डॉक्टर इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी करते हैं। इमरजेंसी मेडिकल आफिसर की मांग की गई है।