बांगरमऊ में काव्यपाठ करते गीतकार संतोष आनंद। संवाद
- फोटो : UNNAO
उन्नाव/बांगरमऊ। बांगरमऊ के इंदिरा गांधी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्रांगण में आयोजित दीवाली मेले में प्रसिद्ध गीतकार संतोष आनंद ने गीत सुनाए। उन्होंने अपना मशहूर गीत ‘जिंदगी की न टूटे लड़ी, प्यार कर लें घड़ी, दो घड़ी’ गुनगुनाया तो लोग झूम उठे।
उन्होंने ‘नजारे नजर से यह कहने लगे नयन से बड़ी चीज कोई नहीं है, कभी मेरे दिल ने यह आवाज दी वतन से बड़ी कोई चीज नहीं’ गीत सुनकर लोगों ने तालियों के माध्यम से सम्मान किया। कवि शैलेंद्र मधुर ने ‘मेरी सांसे ही रामायण, मेरी धड़कन ही गीता है, मेरा बचपन निराला पंत की गलियों में बीता है’ सुना कर खूब तालियां बटोरी। स्वयं श्रीवास्तव ने ‘मुश्किल थी संभलना ही पड़ा घर के वास्ते, फिर घर से निकलना ही पड़ा घर के वास्ते कविता सुनाई।
कवियत्री प्रियंका शुक्ला ने पढ़ा ‘किसी बेबस को अपने घर का साया कौन देता है, दरखतों को भला पतझड़ में छाया कौन देता है पढ़ा। डॉ. अंजना कुमार ने ‘न दर्द का अख्तियार, न जख्म का निशान बाकी है, पता है मेरे ऊपर गिरना अभी आसमान बाकी है’। शायर जौहर कानपुरी ने पढ़ा कि ‘वतन अच्छा नहीं लगता, जो अंधे हैं उन्हीं को यह चमन अच्छा नहीं लगता’ सुना कर वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. माजिद देवबंदी ने ‘खुद को भी आजमाना हो तो पहले कुछ नया कर दिखाओ तो, पहले बन ही जाएंगे मंदिर वह मस्जिद दिल से दिल को मिलाओ तो’ सुनाया। डॉ. विनय आशू ने भी कविता पाठ किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के हज एवं वक्फ राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने की। इस दौरान विधायक श्रीकांत कटियार, नगर पालिका अध्यक्ष इजहार खां गुड्डू, गंजमुरादाबाद नगर पंचायत अध्यक्ष रामनरेश कुशवाहा, ईओ राकेश कुमार सिंह, पुनीत गुप्ता मौजूद रहे।