परियर/बारासगवर। पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश से गंगा उफान पर है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से तेजी से कटान होने लगा है। गुरुवार शाम तक गंगा का जलस्तर 111.790 पर पहुंच गया। यह चेतावनी बिंदु (112 मीटर) से मात्र 21 सेमी दूर रह गया है। बाढ़ की आशंका से ग्रामीण परेशान हैं।
परियर के गंगा किनारे बसे माना बंगला, बाबू बंगला, बंदनपुरवा, लालतुपुरवा, पनपथा, धनकुखेड़ा, कोलवा, जुड़ापुरवा, पटियारा, महानंदपुरवा, बेनीपुरवा, टेपरा व अतरी सहित दो दर्जन गांवों के पास गंगा का पानी पहुंच गया है। ग्रामीण बाढ़ की आशंका से परेशान हैं। उधर, बीघापुर तहसील क्षेत्र के गंगा किनारे बसे कटरी के गांव गढे़वा कर्मी, शंभू का पुरवा, धर्मपुर, दूलीखेड़ा, गड़रियापुरवा, चौड़ा का पुरवा, शंभू का पुरवा व अयोध्यापुरी में कटान तेज हो गई है। अब तराई क्षेत्र के इन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इससे गांवों को जाने वाले मुख्य मार्ग का आवागमन भी प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। वहीं पानी अधिक बढ़ने से गुरुवार को गढे़वा गांव की तरफ धारा का रुख देखने को मिला। गंगा का जलस्तर बढ़ने से किसानों की सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन कटान में समाती जा रही है।
ग्रामीणों में आशंका है कि यदि जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो गढे़वा गांव से कानपुर जाने वाले और उन्नाव-कानपुर संपर्क मार्ग पर भी आवागमन बंद होने का खतरा बढ़ जाएगा। गढ़ेवा गांव की तरफ से जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। पानी एक पुलिया से दूसरी पुलिया की ओर बह रहा है। एसडीएम बीघापुर अंकित शुक्ला ने बताया कि जलस्तर बढ़ा है लेकिन अभी चेतावनी बिंदु से नीचे है। संबधित थाने के पुलिस कर्मियों और राजस्व टीम सतर्क हैं। लेखपालों को संबंधित क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है।
फतेहपुर चौरासी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। गुरुवार को दबौली बाजार के पास गंगा की उपधारा में पानी बढ़ने से बाजार में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप कटान की चपेट में आ गया। दबौली के ग्राम प्रधान अजीत कुमार ने बाताया कि बाजार में गंगा का पानी छेदीलाल, चंद्र पाल व नन्हेलाल के घर के पास आ गया है। कटान की कगार पर घर आने से वह परिवार भयभीत हैं। यदि गंगा के जलस्तर में कमी नहीं आई तो शुक्रवार को तीनों परिवार पलायन कर सकते हैं।