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धनतेरस पर बाजार में बरसे 50 करोड़

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धनतेरस पर्व पर सराफा दुकान पर खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। महंगाई पर आस्था भारी पड़ी। धनतेरस पर जिले में जमकर खरीदारी हुई। लोगों ने सगुन के तौर पर कुछ न कुछ खरीदा। दो पहिया से लेकर चार पहिया, चम्मच से लेकर कुकर, टीवी से लेकर वाशिंग मशीन और सोने-चांदी के आभूषण व सिक्के खूब बिके। व्यापारियों के मुताबिक 50 करोड़ रुपये की बिक्री हुई है।
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कार्तिक माह की तेरस को आयुर्वेद चिकित्सा के प्रवर्तक भगवान धनवंतरि का अवतार हुआ था। उनकी जयंती धनतेरस के रूप में मनाई जाती है। कहा जाता है कि इस दिन नये बर्तनों व आभूषणों की खरीदारी करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है। इस बार बर्तनों, वाहनों व सोने-चांदी के दामों में खासी बढ़ोत्तरी हुई थी। इसके बाद भी धनतेरस पर महंगाई का असर नहीं दिखा। लोगों ने जमकर खरीदारी की। मंगलवार सुबह जल्दी ही दुकानें खुल गई थीं। लोगों का भी पहुंचना शुरू हो गया था। दुकानदारों ने धनतेरस का त्योहार कैश करने के लिए अपनी दुकानें बाहर तक सजा ली थीं। दोपहर होते-होते बाजार भीड़ से गुलजार हो गए। सबसे ज्यादा भीड़ बर्तनों की दुकानों पर दिखी। चार पहिया से लेकर दो पहिया और साइकिल तक की खूब बिक्री हुई। इलेक्ट्रानिक शोरूमों में भी लोग टीवी, वाशिंग मशीन, फ्रिज, मिक्सी, कम्प्यूटर आदि की खरीदारी में व्यस्त रहे। कपड़ों की दुकानों में काफी भीड़ रही। जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना के चलते दो साल से बीमार चल रहे बाजार में इस बार अच्छी रौनक रही। सभी तरह के ट्रेडों में धनतेरस पर जिले में करीब पचास करोड़ का कारोबार हुआ है।
बर्तनों की दुकानों पर सबसे ज्यादा खरीदार पहुंचे। स्टील के बर्तनों की ज्यादा बिक्री हुई। कुछ लोगों ने पीतल के भी बर्तन खरीदे। शाम होते ही ऐसी भीड़ उमड़ी की दुकानों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। जानकारों के अनुसार धनतेरस पर करीब 11 करोड़ के बर्तन बिके।
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दो पहिया से लेकर चार पहिया वाहन भी खूब बिके। किसानों की ट्रैक्टर पहली पसंद बने रहे। युवाओं ने बाइकों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। साइकिलें छोटे बच्चों की पसंद बनी रहीं। वहीं उच्च वर्ग के लोगों ने चार पहिया वाहनों की खरीदारी में ज्यादा रुचि दिखाई। एक अनुमान के मुताबिक 13 करोड़ के वाहन बिके।
लोगों का सोने व चांदी के आभूषणों की खरीदारी में उत्साह कम नहीं दिखा। सबसे ज्यादा मांग चांदी के सिक्के की रही। लोगों ने चांदी के नोट भी खूब खरीदे। शहर व ग्रामीण इलाकों के सर्राफा दुकानों में खरीदारों की भीड़ देखी गई। सर्राफा एसोसिएशन के एक पदाधिकारी के अनुसार महंगाई के बावजूद जिले में 12 करोड़ से अधिक का व्यवसाय हुआ।
धनतेरस पर लोगों ने इलेक्ट्रिक चूल्हे की खूब खरीदारी की। इलेक्ट्रानिक दुकानों पर लोग इन्डक्शन चूल्हे की मांग सबसे ज्यादा करते देखे गए। फ्रिज भी खूब बिके। एलईडी टीवी, वाशिंग मशीन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रानिक सामान की खरीदारी हुई। करीब 14 करोड़ के इलेक्ट्रानिक आईटमों की बिक्री हुई।
गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की भी लोगों ने खरीदारी की। हालांकि इस बार 20 फीसदी तक महंगी हैं। इस बार बाजार में 75 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की मूर्तियां थीं। लोगों ने अपने बजट के अनुसार भगवान गणेश व मां लक्ष्मी की मूर्तियां खरीदीं। लइया, खील, चूरा, गट्टा और खिलौनों की भी बिक्री होती रही। धवनरोड, स्टेशन रोड पर सजी कपड़ों की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ रही। रेडीमेड कपड़ों की सबसे ज्यादा मांग रही।
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