फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फोटो-7-रामस्वरूप का फाइल फोटो।

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनिक। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर स्टीयरिंग फेल होने से मवेशी भरे ट्रक ने दो बाइक व एक साइकिल सवार फैक्टरी श्रमिक को रौंद दिया। मौके पर फैक्टरी श्रमिक की मौत हो गई। जबकि बाइक सवार आईटीबीपी जवान व दंपती समेत चार लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद ट्रक छोड़कर चालक-क्लीनर भाग निकले। ट्रक को पुलिस ने कब्जे में लिया है।
विज्ञापन

हादसा सुबह लगभग 9.30 बजे हुआ। कानपुर से एक ट्रक मवेशियों को लादकर दही थाना क्षेत्र स्थित स्लाटर हाउस जा रहा था। दही थाना क्षेत्र में अन्नपूर्णा मंदिर के पास ट्रक की स्टीयरिंग अचानक फेल हो गया। जिससे अनियंत्रित होकर ट्रक पहले डंपर से टकराया फिर एक टिंबर के सामने पंचर की दुकान के पास साइकिल सवार फैक्टरी कर्मी शहर के वाजिदपुर राजेपुर निवासी रामस्वरूप (35) को कुचल दिया। मौके पर रामस्वरूप की मौत हो गई। वही पंचर की दुकान में बाइक में हवा भरवा रहे लखनऊ के आईटीबीपी (भारत तिब्बत सीमा बल) के जवान, शहर के इंदिरा नगर निवासी बाइक सवार धर्मेंद्र उनकी पत्नी राधा व तीसरी बाइक पर सवार कानपुर के जाजमऊ चांदपुर निवासी इमरान ट्रक की चपेट में आकर घायल हो गए। आईटीबीपी जवान किसी तरह दहशत में वहां से निकला और लखनऊ में इलाज कराया। हादसे के वक्त वह घर से ड्यूटी पर लखनऊ जा रहा था।
हाईवे पर अफरातफरी के बीच जाम के हालात बन गए। दही व सदर कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। ट्रक में 18 मवेशी मिले हैं। सभी का मेडिकल कराया जा रहा है। एसओ गौरव कुमार ने बताया कि ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने व पशु क्रूरता अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर रामस्वरूप की मौत से पत्नी अनीता, बेटे शिवम, सत्यम व मां जमुना का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन

पत्नी के साथ पैतृक गांव जा रहा था बाइक सवार
हादसे में घायल धर्मेंद्र शहर के इंदिरा नगर में रहकर नमकीन का कारोबार करते हैं। सोमवार को वह पत्नी राधा के साथ अपने पैतृक गांव जा रहे थे। बाइक में हवा कम होने से वह पंचर की दुकान पर हवा भरवा रहे थे। इसी दौरान हादसे का शिकार हो गए। धर्मेंद्र को मामूली चोटें आई हैं पर पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई।
फैक्टरी प्रबंधन देगा 2 लाख की आर्थिक मदद
फैक्टरी श्रमिक की हादसे में मौत के बाद परिजन दही चौकी स्थित सुपर हाउस शू डिवीजन पहुंचे। यहां फैक्टरी मैनेजर ने उनसे वार्ता की और मुआवजा के तौर पर दो लाख की चेक देने की बात कही। मौके पर 20 हजार रुपये अंतिम संस्कार के लिए दिए गए। पत्नी को 9 हजार रुपये पेंशन और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की भी बात कही। आश्वासन के बाद परिजन संतुष्ट होकर लौट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें