भत्ता पाने के लिए युवाओं को बेरोजगार होने का प्रमाण पत्र देना होगा। यह प्रमाण पत्र उसी तरह का होगा जिस तरह का पेंशनर्स जीवित होने का साल में एक बार प्रमाण पत्र देते हैं। बेरोजगारों को यह प्रमाण पत्र निरंतर 10 रुपये के स्टांप पेपर देना होगा।
इसके अलावा भत्ते संबंधी समस्या का समाधान करने के लिए प्रशिक्षण एवं सेवा योजन निदेशालय में एक कॉल सेंटर भी बनाया जाएगा। इस संबंध में निदेशालय ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। इस पर शीघ्र ही निर्णय किए जाने की संभावना है।
राज्य सरकार ने प्रदेश के बेरोजगारों को भत्ता दे रही है। भत्ता देते हुए एक साल हो गया है। यह भत्ता केवल बेरोजगारों को ही दिया जाना है। इसलिए जिन लोगों को भत्ता मिल रहा है उन्हें अब यह यह प्रमाण पत्र देना होगा कि वह अभी भी बेरोजगार हैं और रोजगार नहीं मिला है। निदेशालय यह प्रमाण पत्र लिए लेगा ताकि जिन्हें रोजगार मिल गया है उनका भत्ता बंद किया जा सके।
सरकार चाहती है कि प्रदेश के अधिक से अधिक बेरोजगारों को भत्ते की योजना का लाभ मिल सके। इसलिए 31 मार्च 2013 तक पंजीकरण कराने वालों को भी इसका लाभ मिल सके। अभी तक 31 अगस्त 2012 तक पंजीकरण कराने वालों को ही दिया जा रहा है।