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वीडियो में छिपे राज: उस दिन अगर असद न होता तो बच जाता उमेश, अगर उमेश बचता तो आज जिंदा होता अतीक का बेटा

Sat, 15 Apr 2023 02:35 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, उत्तर प्रदेश

सार

उमेश पाल हत्याकांड का एक वीडियो है जिसमें कई राज छिपे हैं। कहा तो ये भी जा रहा है कि अगर उमेश पाल की हत्या के दिन असद मौके पर मौजूद न होता तो उमेश पाल बच जाता।
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असद अहमद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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24 फरवरी 2023 की शाम प्रयागराज में जिस तरह से सरेशाम उमेश पाल के घर के बाहर और फिर घर में घुसकर उसके दोनों गनर और उस पर हमला किया गया उससे माफिया अतीक अहमद की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। इस हमले में उमेश पाल और उसके दोनों गनर मारे गए।

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सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो अतीक के बेटे असद और अतीक गिरोह के शूटरों की पहचान हुई। इसके बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में लग गई और शुरुआती दिनों में दो लोगों उस्मान और अरबाज का एनकाउंटर किया। 49 दिनों की फरारी के बाद 13 अप्रैल को अतीक अहमद का बेटा असद और शूटर गुलाम भी यूपी एसटीएफ से मुठभेड़ में ढेर हो गए। 

इस एनकाउंटर के बाद अतीक ने भी कहा था कि मेरे कारण मेरे बेटे असद का ये हाल हुआ है। मेरी वजह से वो मारा गया। हालांकि उमेश पाल हत्याकांड का एक वीडियो है जिसमें कई राज छिपे हैं। कहा तो ये भी जा रहा है कि अगर उमेश पाल की हत्या के दिन असद मौके पर मौजूद न होता तो उमेश पाल बच जाता।
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अगर उमेश पाल बच जाता तो न होता अतीक के कुनबे का ये हाल
अगर उमेश बच जाता तो शायद माफिया अतीक के कुनबे का ये हाल न होता। इस वक्त अतीक और उसका भाई अशरफ पुलिस रिमांड में हैं और पत्नी शाइस्ता फरार है। दो बड़े बेटे जेल में हैं और दो नाबालिग बेटे बाल सुधार गृह में हैं। वहीं तीसरे नंबर का बेटा असद मुठभेड़ में मारा जा चुका है।

क्या दिखा वीडियो में...
उमेश पाल की हत्या के कई वीडियो सामने आए हैं, उनमें से एक है जिसमें उमेश गोलियों के वार से बचने के लिए अपने गली के अंदर घुसता दिखाई दे रहा है और फिर दरवाजे पर उसे कोई पीटता दिखता है। फिर उमेश उससे पीछा छुड़ाकर अंदर भागता है तो असद उसके पीछे भागता है और बंदूक तानता और फायर करता दिखता है। इसके बाद असद वहां से चला जाता है।

यही वीडियो पुलिस के लिए अतीक के कुनबे पर सख्ती का आधार बना। क्योंकि कहा जा रहा है कि असद की ही गोली लगने के बाद उमेश पाल की मौत हो गई। अगर असद उस दिन वहां नहीं होता तो उमेश पाल जिंदा होता। अगर उमेश पाल जिंदा होता तो पुलिस इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई नहीं करती और फिर असद फरार भी नहीं होता। जब पुलिस जांच अतीक के परिवार तक नहीं पहुंचती तो असद मारा भी न जाता और आज जिंदा होता।
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