सुल्तानपुर। बारिश का सीजन धान के किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाया है लेकिन आम से लेकर खास वर्ग के लोगों की रसोई पर इसका उल्टा असर हुआ है। बारिश के कारण सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं।
कई सब्जियों के रेट डेढ़ से दोगुने तक पहुंच चुके हैं। आलू-प्याज समेत हरी सब्जियां आम आदमी से दूर होती जा रही हैं।
गृहणियों के लिए बजट मैनेज करना मुश्किल भरा हो गया है। शुक्रवार को ‘अमर उजाला’ ने शहर की सब्जी मंडी का निरीक्षण किया तो दुकानों पर खरीदारों की भीड़ न के बराबर दिखी।
सब्जियों की फसलों को बारिश से भारी नुकसान हुआ है। बारिश से सब्जी की आवक बेहद कम होने लगी है। वहीं सब्जी बड़ी मात्रा में खराब होने का भी दावा किया जा रहा है। इन कारणों से सब्जियों के रेट मंडियों में लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
पहले जून में तेज गर्मी व पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते भावों के चलते सब्जियों के दामों ने बजट बिगाड़ा था और अब रही-सही कसर बारिश ने पूरा कर दिया।
जून माह से महंगी हुई सब्जियों के दाम बारिश के चलते और भी बढ़ गए हैं। जो सब्जियां आज से पंद्रह दिन पहले ठीक-ठाक दामों में मिल रही थीं। अब उन सब्जियों के दाम आसमान को छू रहे हैं।
जो प्याज 18 से 20 रुपये किलो थी, अब 30 से 35 रुपये के हिसाब से मंडी में बिक रही है। शहर से सटे अमहट स्थित सब्जी मंडी में आलू-प्याज के आढ़त पर काम करने वाले विपिन कुमार तिवारी ने बताया कि प्याज की आपूर्ति महाराष्ट्र से की जाती है।
महाराष्ट्र में बाढ़ की वजह से प्याज के दाम में उछाल आया है। वहीं आलू की आवक कन्नौज, आगरा, फर्रुखाबाद से होती है। इस समय जिले से हरी सब्जियों की आवक काफी कम हो गई है।
वाराणसी, जौनपुर, इलाहाबाद, फैजाबाद से हरी सब्जियों की आपूर्ति होती है। इस वजह से इसके दाम में बढ़ोतरी हुई है। सब्जियों के रेट में भारी वृद्धि होने से गृहणियों की रसोई का बजट गड़बड़ा गया है।
शहर के सिविल लाइंस निवासी शशिबाला त्रिपाठी का कहना है कि सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। इसके चलते गरीब व सामान्य गृहणी दिन में एक समय के खाने के लिए भी सब्जी खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा सकतीं।
रोज की जरूरत की वस्तुओं के दामों के साथ ही सब्जियों के लगातार बढ़ रहे दामों से हर वर्ग की महिलाओं का रसोर्इं बजट बिगड़ चुका है।
शहर के अमहट मंडी में स्थित सब्जी के थोक विक्रेता भैयाराम मौर्य ने कहा कि बरसात के समय हर वर्ष सब्जियों के भाव में उछाल आता है। बरसात का मौसम आते ही स्थानीय किसानों की सब्जियां खराब हो जाती हैं।
फसल पर नया फल नहीं आता। मंडी में ज्यादातर सब्जियां दूसरे जनपदों से आ रही हैं। इस वजह से सब्जी के दामों में उछाल है। कहा कि सब्जी महंगी होने से इसकी बिक्री पर भी असर पड़ा है। इससे आमदनी भी प्रभावित हुई है।
सब्जी विक्रेता रामप्रकाश बताते हैं कि बारिश के सीजन के चलते सब्जियों की फसल खराब होने लगती है। इसके चलते आपूर्ति कम जो जाती है। यही वजह है कि पिछले करीब 15 दिनों से बारिश के सीजन में सब्जियों के भाव तेज हुए हैं। हर वर्ष बारिश से सीजन में सब्जियों के भावों में तेजी आती है।
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