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गड्ढों से सड़कों पर जानलेवा हुआ सफर

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सुल्तानपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर ग्रामीण मार्ग तक जगह जगह गड्ढों से सड़क का सफर जानलेवा हो गया है। बारिश के मौसम में जलभराव ने इन गड्ढों की संख्या और बढ़ा दी है। गड्ढों से घंटे भर का सफर दो घंटे में पूरा हो रहा और वाहन ईंधन पीने लगे हैं। शासन के निर्देश पर बुधवार से शुरू होने वाले गड्ढामुक्त अभियान पर बारिश ने पानी फेर दिया है। खतरों को देखते हुए सिर्फ पीडब्ल्यूडी सड़क के गड्ढों में पत्थर डालकर बचाव का इंतजाम कर रहा है। अन्य विभाग गड्ढामुक्त अभियान के लिए बजट विहीन बता रहे हैं।
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जून माह से शुरू हुई बारिश ने सड़कों पर गड्ढों की संख्या और बढ़ा दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग, राजमार्ग से लेकर ग्रामीण मार्गों की हालत खस्ता हो गई है। सुल्तानपुर-बलिया राजमार्ग पर टाटियानगर से लेकर मोतिगरपुर तक की सड़क सैकड़ों जानलेवा गड्ढे हो गए हैं। लखनऊ-वाराणसी नेशनल हाईवे पर निर्माणाधीन फोरलेन की वजह से पयागीपुर चौराहे के पास करीब पांच वर्ष से गड्ढों से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। बारिश में गड्ढों में पानी भरने से मार्ग की स्थिति तालाब जैसी हो गई है। टांडा-बांदा हाईवे पर पीढ़ी चौराहे व उसके आसपास गड्ढों की वजह से सफर मुश्किल हो गया है।
पारेषण उपकेंद्र के पास स्थित बाईपास के पास निर्माण नहीं होने से सड़क पर आवाजाही मुश्किल हो गई है। यही हाल ग्रामीण से लेकर जिला मार्ग तक का है। बारिश ने सड़क पर हुए गड्ढों की संख्या में और इजाफा कर दिया है। बारिश में जलभराव से गड्ढे बड़े और जानलेवा हो गए हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने शहर में चार दिन पहले अमहट-गोलाघाट मार्ग को मरम्मत कराकर गड्ढामुक्त कर दिया है। मौसम खराब होने से आगे का कार्य रुक गया।
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गड्ढों से ईंधन पीने लगे वाहन
सड़कों पर हुए गड्ढों से घंटे भर का सफर डेढ़ से दो घंटे में पूरा हो रहा है। बाइक से लेकर बड़े चारपहिया वाहन तक मानक गति से गड्ढ़ों की वजह से नहीं चल पा रहे हैं। मानक से धीरे चलने की वजह से वे ईंधन पीने लगे हैं। ईंधन अधिक खर्च होने से वाहन मालिकों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। इसके साथ ही वाहन में भी खराबी आ रही है।
आधा दर्जन से अधिक विभाग बना रहे सड़क
जिले में लोक निर्माण विभाग के अलावा, ग्रामीण अभियंत्रण, मंडी समिति, जिला पंचायत, सिंचाई विभाग, गन्ना विभाग समेत अन्य कई विभागों की ओर से सड़कों का निर्माण कराया जाता है। इसमें पीडब्ल्यूडी समेत कुछ विभाग ज्यादा संख्या में सड़कों का निर्माण करवाते हैं, जबकि अन्य विभागों के सड़कों के निर्माण की संख्या कम है।
सिर्फ पीडब्ल्यूडी करा रहा मरम्मत कार्य
जिले मेें सड़क निर्माण कार्य में पीडब्ल्यूडी व जिला पंचायत के अलावा करीब आधा दर्जन से अधिक विभाग लगे हैं लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अधिकांश विभाग सड़कों की मरम्मत से हाथ खड़े कर ले रहे हैं। सिर्फ लोक निर्माण विभाग की गड्ढामुक्त व मरम्मत कार्य करा रहा है। गड्ढामुक्त अभियान के लिए अन्य विभाग बजट का भी अभाव बता रहे हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग को गड्ढामुक्त अभियान के लिए बजट मिला है।
बारिश ने रोका अभियान
शासन ने सड़कों को गड्ढ़ामुक्त करने के लिए बुधवार से अभियान चलाने का निर्देश दिया था। शासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने इंजीनियर दिवस के आयोजन के बाद अभियान चलाने की तैयारी की थी लेकिन बारिश ने अभियान पर पानी फेर दिया। बारिश की वजह से लोक निर्माण विभाग का अभियान शुरू नहीं हो सका।
बारिश बंद होते शुरू होगा अभियान
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र कुमार अहिरवार ने बताया कि विभाग की ओर से गड्ढामुक्त अभियान बुधवार से शुरू किया जाना था। बारिश की वजह से अभियान शुरू नहीं हो सका। बारिश बंद होते ही अभियान चालू करके सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा। एहतियात के तौर पर गड्ढों में पत्थर डालकर बचाव किया जा रहा है।
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