बारिश से बचाव के लिए पॉलिथीन का प्रयोग करता ई-रिक्शा चालक।
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सुल्तानपुर। मौसम में आए परिवर्तन से जिले में लगातार चौथे दिन जारी बूंदाबांदी किसानों के साथ अन्य लोगों के लिए भी मुसीबत बनी है। बरसात से गेहूं को छोड़ अन्य फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। बिजली कटौती से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। क्रय केंद्रों पर धान पन्नी के नीचे भीग रहा है। बारिश में धान खरीद व्यवस्था भी चरमरा गई है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटे में भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना जताई है।
चार दिन से घने बादल छाए हुए हैं। बृहस्पतिवार से शुरू हुई बूंदाबांदी शनिवार की शाम तक जारी रही। इस बीच दो दिन हल्की बारिश से खेत व खलिहान में पानी भर गया। शनिवार की सुबह से शाम तक बूंदाबांदी जारी रही। लगातार चार दिनों से जिले मेें जारी हल्की बारिश व बूंदाबांदी से सड़कों पर कीचड़ फैल गया है। इसमें दो पहिया वाहनों को ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बूंदाबांदी से गेहूं को छोड़ अन्य दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान हो रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक लगातार बारिश से चना, मटर, मसूर, सरसों, आलू व कुछ अरहर की फसलों को नुकसान पहुंचा है। बिगड़े मौसम से गन्ने की पेराई व कटाई प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग ने जिले में 24 घंटे के दौरान 4.4 मिमी बारिश दर्ज की है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि आगामी 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश मेें हल्के व मध्यम बादल छाए रहने व कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना जताई है। बूंदाबांदी के बीच जिले का अधिकतम तापमान 18.0 व न्यूनतम तापमान 14.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।