सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 में नियुक्त किए गए सह केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती बोर्ड ने निरस्त कर दी है। अब माध्यमिक शिक्षा परिषद सह केंद्र व्यवस्थापकों की नियुक्ति ऑनलाइन करेगा। अंबेडकरनगर के डायट प्राचार्य मनोज गिरि ने बुधवार को बतौर पर्यवेक्षक परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। साथ ही जीआईसी स्थित कंट्रोल रूम में पहुंचकर वहां की स्थिति का भी जायजा लिया।
जिले में 124 केंद्र यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा 24 मार्च से शुरू होनी है। इसे देखते हुए तैयारियां जोरों पर हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने पूर्व में सभी परीक्षा केंद्रों पर नियुक्त किए गए सह केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती को निरस्त कर दिया है। अब नए सिरे से ऑनलाइन नियुक्त की जाएगी। अंबेडकरनगर के डायट प्राचार्य मनोज गिरि बुधवार को जिले में पहुंचे। उन्होंने पीआर इंटर कॉलेज सेमरी, श्री सुभाष इंटर कॉलेज पलिया, राज मांटेसरी इंटर कॉलेज सेमरी व राजकीय इंटर कॉलेज सुल्तानपुर का निरीक्षण किया।
उन्होंने 25 बिंदुओं पर मांगी गई चेकलिस्ट पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव को भेजी। इसमें कक्ष निरीक्षकों की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता, आवाज व उसकी दिशा की जांच की गई। प्रश्नपत्र रखने के लिए डबल लॉक वाली अलमारी, पेयजल व्यवस्था, फर्नीचर व्यवस्था, प्रसाधन व्यवस्था व प्रकाश व्यवस्था देखी गई। जिला विद्यालय निरीक्षक वीपी सिंह के साथ पर्यवेक्षक मनोज गिरि जीआईसी स्थित कंट्रोल रूम पहुुंचे। कंट्रोल रूम में जोड़े गए परीक्षा केंद्रों की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र जिले में पहुंच चुका है। बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के परीक्षा विभाग से विद्यालयों को प्रवेश पत्र का पैकेट रिसीव कराया गया। परीक्षा प्रभारी एसपी सिंह ने बताया कि सभी विद्यालयों को सूचना दे दी गई है कि वे तत्काल प्रवेश पत्र रिसीव कर विद्यार्थियों में वितरित करें।
जिला विद्यालय निरीक्षक वीपी सिंह ने बताया कि जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में प्रत्येक कंप्यूटर पर आठ परीक्षा केंद्रों को जोड़ा गया है। निरीक्षण के लिए प्रत्येक कंप्यूटर पर दो-दो शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। परीक्षा केंद्रों पर अनुचित स्थिति दिखने या सीसीटीवी सही ढंग से काम न करने पर इसकी सूचना तत्काल जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से सचल दलों को दी जाएगी। साथ ही निरीक्षण पंजिका में इसे दैनिक रूप से अंकित भी किया जाएगा।