अमेठी सिटी। परिषदीय विद्यालयों में अब शिक्षकों की मनमानी नहीं चलेगी। आम लोग स्कूल न खुलने समेत किसी भी तरह की शिकायत दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। इसे स्कूलों की दीवारों पर अंकित करवाना जरूरी होगा।
1570 परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक सहित अन्य जिम्मेदारों की ओर से की जा रही लापरवाही और खामियां अधिकारियों के औचक निरीक्षण के समय ही सामने आ पाती थीं। इस पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने टोल फ्री नंबर जारी कर दिया है, ताकि आम लोग विद्यालय संबंधी शिकायतों को टोल फ्री नंबर के माध्यम से कर सकेंगे।
अधिकारियों को ग्रामीण, अभिभावकों की ओर से अक्सर समय से शिक्षकों के विद्यालय न आने या देर से विद्यालय खुलने की शिकायत मिलती रहती है। साथ ही यह भी शिकायत रहती थी कि शिक्षक आते ही नहीं हैं। ऐसे में शासन ने टोल फ्री नंबर 18008893277 जारी कर इसे विद्यालय की दीवारों पर अंदर व बाहर चस्पा करने और गूगल लिंक पर इसे अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यातायात के सामान्य नियम भी विद्यालयों की दीवारों पर लिखने के निर्देश दिए हैं।
इन बिंदुओं की कर सकते हैं शिकायत
1. शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर।
2. शिक्षकों के देरी से पहुंचने की।
3. शिक्षकों के अनुपस्थित रहने की।
4. मिड-डे मील में गुणवत्तापूर्ण भोजन न मिलने की।
5. विद्यालय में शिक्षकों की कमी।
6. विद्यालय की स्वच्छता और रखरखाव संबंधी।
दिए गए हैं निर्देश
सभी परिषदीय व कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर विद्यालयों में टोल फ्री नंबर दीवारों पर अंकित करने का निर्देश दिया गया है। इस पहल से अभिभावकों और ग्रामीणों को अपनी विद्यालय से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने का एक आसान और सुलभ तरीका मिलेगा, जिससे विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। कोई भी टोल फ्री नंबर पर इस प्रकार की शिकायत कर सकते हैं।
-संजय कुमार तिवारी, बीएसए