सुल्तानपुर। सदर तहसील के असरोगा में हाईवे के किनारे औद्योगिक नगरी बसाई जाएगी। डीएम कुमार हर्ष ने इसकी पहल की है। उनके निर्देश पर औद्योगिक क्षेत्र के लिए दो गांवों की 116 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। पहल रंग लाई तो जिले में भी उद्योग-धंधे आकार लेंगे। लोगों को स्थानीय स्तर पर भी रोजगार मिल सकेंगे।
उद्योग विहीन जिले को देखते हुए डीएम कुमार हर्ष ने शासन की अनुमति के बाद इस दिशा में कदम बढ़ाया है। जिले में बड़े उद्योग धंधों की स्थापना कराने के लिए सुल्तानपुर-लखनऊ फोरलेन के किनारे असरोगा व शाहपुर सरकंडेडीह गांव को मिलाकर 47.46 हेक्टेयर यानी 116 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। इसमें असरोगा की 33.26 हेक्टेयर व शाहपुर सरकंडेडीह की 14.20 हेक्टेयर भूमि शामिल है। इसमें सरकारी और किसानों की जमीन शामिल है।
सर्वे में भूमि चिह्नित कराते हुए डीएम ने मानचित्र एवं जमीन का विवरण समेत शासन को भेजा है। अब शासन की स्वीकृति का इंतजार है। स्वीकृति मिलने के बाद चिह्नित भूमि पर औद्योगिक नगरी बसाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने पर जिले की यह बड़ी उपलब्धियों शामिल होगी। बड़े उद्योगों के लगने से जिले का नक्शा ही कुछ समय में बदल जाएगा।
किसानों को 85.43 करोड़ रुपये देना होगा मुआवजा
औद्योगिक क्षेत्र के लिए असराेगा व शाहपुर सरकंडेडीह के 878 किसानों की जमीन खरीदने के लिए उन्हें 85.43 करोड़ रुपये मुआवजा देना होगा। इसमें दोनों गांवों को मिलाकर किसानों की 44.63 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। करीब तीन हेक्टेयर ग्राम समाज की जमीन दोनों गांवों की है। उप जिलाधिकारी सदर विपिन द्विवेदी ने बताया कि किसानों की 44.63 हेक्टेयर भूमि का दाम मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से करीब 21.35 करोड़ रुपये है। चार गुना मुआवजा देने पर किसानों को करीब 85.43 करोड़ रुपये भुगतान करना होगा।
चिह्नित जमीन का विवरण
असरोगा
80 गाटा, 463 खातेदार, 33.26 हेक्टयर भूमि, ग्राम समाज-1.62 हेक्टेयर
शाहपुर सरकंडेडीह
55 गाटा, 415 खातेदार, 14.20 हेक्टेयर, ग्राम समाज-0.91 हेक्टेयर
युवाओं को जिले में ही मिलेगा रोजगार
हाईवे के किनारे असरोगा में औद्योगिक क्षेत्र बनने से युवाओं को रोजगार मिल सकेंगे। साथ ही जिले का विकास होगा। उत्पादन से लेकर आपूर्ति तक के कार्य में लोग काम पा सकेंगे।
बड़े उद्योगों की स्थापना का प्रयास
उद्योग विहीन जिले में बड़े उद्योगों की स्थापना कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है। शासन के निर्देश पर जमीन चिह्नित की गई है। प्रस्ताव की स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। मंजूरी मिलते ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। - कुमार हर्ष, जिलाधिकारी, सुल्तानपुर