सुल्तानपुर। मध्याह्न भोजन निधि के जीरो बैलेंस सब्सिडी अकाउंट खोले जाने की प्रक्रिया अब मुख्यालय स्तर से ही होगी। सभी जिलों में एक ही सीरियल से अकाउंट नंबर विद्यालयों को आवंटित होंगे। इसके लिए शासन ने विद्यालय वार ब्यौरा मंगवाया है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर मध्याह्न भोजन निधि के खातों से नवीन आहरण व वितरण प्रणाली के अंतर्गत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में जीरो सब्सिडरी अकाउंट खोले जाने हैं। पहले यह निर्देश दिया गया था कि सभी विद्यालय अपने नजदीकी एसबीआई की शाखाओं में एमडीएम का नया खाता खोलकर संचालित करें, लेकिन मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने मुख्यालय से ही स्टेट बैंक में एमडीएम खाते खोलने की प्रक्रिया कराने का निर्णय लिया है।
सभी जिलों में एक ही सीरियल से बैंक अकाउंट खोले जा सकेंगे। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण सिंगल नोडल अकाउंट धारक बैंक शाखा के जरिए विद्यालयों की खाता संख्या आवंटित कराएगा। संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को अकाउंट नंबर भेजा जाएगा। संबंधित शाखाओं से संपर्क स्थापित कर प्रधानाध्यापकों को अभिलेख जमा करने होंगे। एमडीएम के जिला समन्वयक संदीप यादव ने बताया कि जिन स्कूलों का एमडीएम का खाता पहले से ही स्टेट बैंक में होगा, उनको भी नया खाता आवंटित किया जाएगा।
भुगतान में पारदर्शिता लाने की कवायद
मध्याह्न भोजन निधि खातों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में खुलवाकर भुगतान में पारदर्शिता लाने की कोशिश की जाएगी। पीएफएमएस के जरिए धनराशि का आहरण व वितरण किया जाएगा। इसके पहले मध्याह्न भोजन निधि खाते अलग-अलग बैंकों से संचालित हो रहे थे, तथा भुगतान की प्रक्रिया ज्यादातर नकद ही हो रही थी।
मंगाई गई सूचना
सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी कर विद्यालय का नाम, बैंक शाखा, आईएफएससी कोड आदि मंगाया गया है। सूचना एकत्र कर एक्सेल शीट पर मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को भेजी जाएगी। - दीवान सिंह यादव, बीएसए।