सुल्तानपुर। हनुमानगंज कस्बे के पास स्थित एक मैरिज लॉन में शनिवार को आयोजित एक वैवाहिक कार्यक्रम में दूल्हा व बरात आने के पहले ही उसकी पत्नी अपने बच्चे के साथ पहुंच गई। उसने पुलिस को भी बुला लिया। देर रात तक लोग भोजन व नाश्ता बनाकर दूल्हे व बरात का इंतजार करते रहे लेकिन रात बीत गई और कोई नहीं पहुंचा।
देहात कोतवाली के एक गांव की लड़की की शादी प्रतापगढ़ जिले के पीथापुर गौरामाफी से तय की गई। तय विवाह तिथि पर शनिवार को वधू पक्ष ने हनुमानगंज कस्बे के निकट स्थित मैरिज लॉन बुक करके कार्यक्रम की सारी व्यवस्था की। शनिवार को मैरिज लॉन में बड़ी संख्या में रिश्तेदार भी इकट्ठा हुए। मिष्ठान व पकवान बनाकर बरात की तैयारी सुबह से शुरू हुई। देर शाम दूल्हन भी सज धज कर विवाह स्थल पर पहुंच गई। सभी तैयारियां चरम पर थी तभी रात करीब आठ बजे एक महिला अपने दो साल के बच्चे को लेकर विवाह मंडप में पहुंच गई। महिला ने खुद को आने वाले दूल्हे की पहली पत्नी होने का दावा करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। इसका पता लगने पर वधू पक्ष के लोग सकते में आ गए। महिला के विवाह मंडल में पहुंचने की सूचना वर पक्ष तक भी पहुंच गई।
विवादित स्थिति देखते हुए वर पक्ष बरात लेकर नहीं पहुंचा। दूल्हन व परिवारीजन रात भर बरात का इंतजार करते रहे। उधर, बेटे संग पहुंची महिला ने कोतवाली देहात थाने की पुलिस को बुला लिया। पुलिस पूछताछ कर वापस लौट गई। बरात नहीं आने पर रिश्तेदार व ग्रामीण धीरे-धीरे मैरिज लॉन से दबे पांव गायब हो गए। कोतवाल उदयवीर सिंह ने बताया कि दूल्हे की यह दूसरी शादी थी। पहली दूल्हन ने कोर्ट में मामला चलने की जानकारी देकर शादी रोकवा दी है। इस वजह से बरात नहीं आई।
मेहंदी लगाने पहुंची युवती को वधू पक्ष ने रोका
भदैंया। प्रतापगढ़ के गौरामाफी से वर पक्ष ने शनिवार को सुबह एक युवती को दुल्हन पक्ष के घर मेहंदी लगाने के बहाने भेजा था। उसने बताया कि हमारे यहां रिवाज है कि दुल्हन को मेहंदी दूल्हे की ओर से लगाई जाती है। शाम को जब वह महिला विवाह मंडप तक पहुंच गई और सारे मामले का खुलासा हुआ तो मेहंदी लगाने आई युवती भागने की फिराक में लग गई लेकिन वधू पक्ष के लोगों ने उसे बिठा लिया। बताया जा रहा है कि बरात नहीं लाने वाला वर पक्ष पोल खुलने पर मेहंदी लगाने आई युवती को वापस करने के लिए मान-मनौव्वल कर रहा है।