भदैंया (सुल्तानपुर)। कोतवाली देहात के मिश्रौली गांव में शुक्रवार की देर शाम पुश्तैनी जमीन पर भवन निर्माण के लिए हो रही नींव की खुदाई में एक भारी-भरकम तिजोरी मिलने से हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों की सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने तिजोरी को कब्जे में लेकर सुरक्षित रखवाया है। पुलिस जमीन के मालिक की मौजूदगी में तिजोरी खोलने की बात कह रही है। ग्रामीणों के अनुसार तिजोरी में सोने-चांदी के जेवरात हो सकते हैं।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव निवासी संतराम बरनवाल के पूर्वज सराफा का काम करते थे। करीब 25 वर्ष पहले संतराम बरनवाल ने अपने हिस्से की पुश्तैनी जमीन अपने भतीजे विनोद बरनवाल को दे दी थी। वर्तमान में संतराम सपरिवार लखनऊ में मकान बनाकर व्यवसाय करते हैं।
चाचा की दी गई जमीन पर विनोद बरनवाल मकान बनवाने के लिए नींव की खोदाई करा रहे थे। शुक्रवार की शाम नींव की खोदाई के दौरान एक भारी-भरकम तिजोरी दिखाई दी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
इस दौरान ग्रामीणों ने जमीन में तिजोरी पाए जाने की सूचना एसओ गौरीशंकर पाल को दे दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे और तिजोरी को ट्रैक्टर की मदद से नींव से बाहर निकाला और उसे कब्जे में लेकर विनोद बरनवाल के घर के सामने रखवा दिया।
ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष को बताया कि यह जमीन विनोद के चाचा संतराम की पुश्तैनी जमीन है। जमीन पर पुराना कच्चे का घर था, जो मलबे में तब्दील हो गया था। इसी जमीन पर विनोद मकान बनवा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार नींव की खोदाई के दौरान जमीन से निकली तिजोरी का वजन करीब तीन क्विंटल है। तिजोरी में चोने-चांदी के आभूषण होने की संभावना है।
भूमि के स्वामी के सामने खुलेगी तिजोरी
भदैंया। कोतवाली देहात थानाध्यक्ष गौरीशंकर पाल ने बताया कि तिजोरी को कब्जे में लेकर सुरक्षित रखवाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि यह जमीन संतराम की पुश्तैनी थी और उनके यहां सराफा का काम होता था। तिजोरी मिलने की सूचना संतराम को दी गई है। उनके आने पर तिजोरी को पुलिस के सामने खोला जाएगा।
चाचा को दी तिजोरी मिलने की सूचना
भदैंया। मिश्रौली गांव निवासी विनोद बरनवाल ने बताया कि चाचा ने उन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन दी है। जमीन में तिजोरी मिली है। इसकी सूचना उन्होंने चाचा को दे दी है। चाचा ने बताया है कि एक-दो दिन में वे लखनऊ से आएंगे।