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Sultanpur News: बारिश में गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबकर वृद्धा की मौत

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सुल्तानपुर। जिले में पांच दिनों से जारी बरसात के बीच सोमवार की रात एक कच्चा मकान गिरने से मलबे के नीचे दबकर एक वृद्धा की मौत हाे गई। वज्रपात से दो भैंसों की जान चली गई, जबकि कई घरों पर लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ध्वस्त हो गए। लगातार जारी मध्यम बारिश से दर्जनों जर्जर मकानों की दीवारें ढह गईं हैं। गोमती नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। फिलहाल नदी खतरे के निशान से अभी नीचे है। प्रशासन की ओर से धनहानि का सर्वे कराया जा रहा है। बारिश से खरीफ की फसलों को फायदा पहुंचा है।
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सोमवार की रात हो रही बरसात से धनपतगंज थाना क्षेत्र के अगई गांव में एक कच्चे मकान की दीवार ढह गई। रात में घर में खाना खाकर सो रही शिवपती (65) दीवार के मलबे में दब गईं। आवाज सुनकर परिवार के लोगों ने हल्ला-गुहार मचाया। ग्रामीणों ने जब तक पहुंचकर शिवपती को बाहर निकाला उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंचे उप निरीक्षक ने शव का पंचनामा करके पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
कुड़वार के नेवरा गांव में वज्रपात से बलराम तिवारी का डीटीएच व विद्युत उपकरण नष्ट हो गया। वज्रपात की चपेट में आने से कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के झौव्वारा गांव निवासी जयलाल की पशुशाला में बंधी एक भैंस व बेलामोहन गांव के रामदेव की एक भैंस की मौत हो गई। अभियाकलां में कई लोगों के इन्वर्टर जल गए। जयसिंहपुर थाना क्षेत्र के कस्बे में स्थित राम लुटावन, कलावती व सज्जू अहमद के कच्चे मकान का हिस्सा गिर गया।
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कस्बे के मल्हर का कच्चा मकान ढहने से बगल के कक्ष में सो रहे दंपती बाल-बाल बचे। उनकी घर गृहस्थी का सारा सामान नष्ट हो गया। इसके अलावा जिले भर में दर्जन भर कच्चे मकानों का हिस्सा गिरने की सूचना तहसीलों को दी गई है। तहसीलों की ओर से धन व जन हानि का सर्वे शुरू करा दिया गया है। बरसात से गोमती नदी का जलस्तर बढ़कर 81.110 मिलीमीटर पर पहुंच गया है। फिलहाल अभी गोमती नदी खतरे से निशान से करीब साढ़े तीन मिलीमीटर नीचे बह रही है। बारिश से धनपतगंज के तराई क्षेत्रों में जलभराव हो गया है।

लहलहा उठे धान
बरसात से पानी के लिए तरस रहीं खरीफ की फसलों को फायदा पहुंचा है। पांच दिन से जारी मध्यम व रिमझिम बारिश से धान की फसलें लहलहा उठी हैं। साथ ही गन्ना, अरहर, मक्का, उर्द, तिल व हरा चारा के लिए बोई गईं फसलें हरी हो गईं हैं। बरसात से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि अभी तक बारिश से फसलों को फायदा पहुंचा है। ज्यादा बारिश से तिलहन व सब्जी की फसलों को नुकसान हो सकता है।

आपदा के असर से अफसर बेखबर
आपदा में जनहानि या धनहानि पर शासन की ओर से राहत राशि दी जाती है, लेकिन जिले में अभी तक अधिकारी बरसात से हुए नुकसान की जानकारी ही नहीं जुटा पाए हैं। पिछले तीन दिन के भीतर ही कई मकान ढह गए हैं और दो मौतें हो चुकी हैं। कई पशुओं की भी मौतें हुईं हैं, किंतु जिला दैवीय आपदा अधिकारी मनोज कुमार पांडेय कहते हैं कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।

सितंबर में अब तक 71 मिमी. बरसात
सितंबर माह में पांच दिनों से जारी रिमझिम व बीच-बीच में मध्यम बारिश से अब तक जिले में 71.00 मिलीमीटर बरसात रिकाॅर्ड की गई है। जिला दैवीय आपदा अधिकारी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि पांच दिनों से ही बरसात शुरू हुई है। सितंबर माह में बरसात के पानी की जरूरत 202.00 मिलीलीटर रखी गई है। आगे बरसात जारी रहने से ही जरूरत भर का औसत पूरा हो सकेगा।
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