सुल्तानपुर। बारिश के बीच वज्रपात व लोकल फॉल्ट से सोमवार की शाम से लेकर रात तक ग्रामीण क्षेत्र के चार उपकेंद्र व दो फीडर बंद हो गए। मंगलवार की दोपहर तक आपूर्ति बहाल न होने से करीब 12 से 15 घंटे तक करीब एक लाख आबादी की बिजली आपूर्ति ठप रही। दोपहर बाद खराबियों को दूर कर आपूर्ति बहाल की गई।
सोमवार की शाम रिमझिम बारिश व हवा के बीच गोसैसिंहपुर पारेषण उपकेंद्र की मुख्य लाइन में करीब सात बजे फॉल्ट आ गया। कई जगहों पर मेनलाइन के हाईटेंशन तार गिर गए। इसकी वजह से भटमई, बिरसिंहपुर व उघड़पुर वितरण उपकेंद्र बंद हो गया। रात भर उपकेंद्र बंद रहने के बाद सुबह से फॉल्ट की खोजबीन शुरू हुई। गिरे तारों को दुरुस्त कराया गया। इसके बाद मंगलवार को करीब तीन बजे तीनों उपकेंद्रों की आपूर्ति बहाल की गई।
तीनों उपकेंद्राें से जुड़ी करीब 60 हजार आबादी 20 घंटे तक बिजली के लिए परेशान रही। धम्मौर उपकेंद्र के सब स्टेशन फीडर की सप्लाई सोमवार रात ढाई बजे फाॅल्ट में बंद हो गई। मंगलवार को खोजबीन में हाईटेंशन लाइन में फॉल्ट पाया गया। मंगलवार को तार को ठीक कराकर आपूर्ति करीब तीन बजे बहाल की गई। खराबी से मामपुर, पूरे भैरव, पूरे कुबरा, पूरे राम मिश्र, पूरे अंगनू, पूरे लाला, पूरे गौरी मिश्र समेत अन्य गांवों की करीब 10 हजार आबादी प्रभावित रही।
अवर अभियंता सचिन यादव ने बताया ने कि फीडर की लाइन की फाॅल्ट को दुरुस्त कराकर आपूर्ति बहाल कर दी गई है। सोमवार की रात वज्रपात के बीच रात करीब साढ़े 12 बजे पांडेयपुर विद्युत उपकेंद्र की हाईटेंशन लाइन में खराबी आ गई है। मंगलवार को दिन में हुई खोजबीन में नौ इंसुलेटर क्षतिग्रस्त पाए गए। इसकी वजह से करीब 12 घंटे उपकेंद्र से जुड़ी तकरीबन 30 हजार आबादी प्रभावित रही। एसडीओ सौरभ उपाध्याय ने बताया कि इंसुलेटर बदल कर आपूर्ति चालू कर दी गई। लंभुआ उपकेन्द्र के इंडोडच फीडर की लाइन का तार चार स्थानों पर रात में गिर गया। तार गिरने से नमी की वजह से इसमें ब्लास्ट हो गया है। देर शाम तार को दुरुस्त कराकर आपूर्ति बहाल कर दी गई। करीब 12 घंटे तक फीडर से जुड़ी 10 हजार आबादी प्रभावित रही। एसडीओ ने बताया कि आपूर्ति सही करा दी गई है।