सुल्तानपुर। राजस्व व कृषि विभाग के अधिकारियों को गच्चा दे 4834 आयकर दाताओं ने किसान सम्मान निधि का लाभ उठा लिया है। यही नहीं करीब साढ़े 31 सौ पेंशनरों व अपात्रों ने भी किसान सम्मान निधि का फायदा ले लिया है। अपात्रों का नाम लाभ उठाने की जानकारी प्रकाश में आते ही प्रशासन व कृषि विभाग सख्त हो गया है। कृषि विभाग ने ऐसे लाभार्थियों का पंजीकरण निरस्त कर दिया है।
अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के कार्डधारकों की ओर से फर्जी तरीके से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम व निशुल्क राशन का लाभ उठाए जाने का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा था कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भी बड़ी संख्या में अपात्रों के लाभ लेने का बोलबाला पाया गया है। शासन स्तर पर पैनकार्ड से आयकर रिटर्न भरने वालों की सूची आधार कार्ड व बैंक डिटेल के मिलान से इसका खुलासा हुआ है। खुलासे में जिले में 4,834 आयकर दाता भी किसान सम्मान निधि का लाभ लेते पाए गए हैं। इसके साथ ही जिले में करीब 3148 पेंशनरों व अपात्रों की ओर से भी किसान सम्मान निधि का लाभ लिए जाने की बात प्रकाश में आई है। ये लोग अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर गरीब किसान बन गए हैं और योजना का लाभ उठा रहे हैं। मामले का खुलासा होने पर शासन के निर्देश पर कृषि विभाग ने योजना का लाभ ले रहे आयकरदाताओं, पेंशनर व अन्य अपात्रों का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही छानबीन में जुटा है। कृषि विभाग अभी तक योजना का लाभ लेने वाले अपात्रों से धनराशि वसूली की तैयारी में जुटा है। खुलासे से कृषि विभाग में खलबली मची है। कृषि विभाग ने अभी तक 54,874 का सत्यापन करा लिया है।