जिला अस्पताल के इमरजेंसी में बैठे लोग।
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सुल्तानपुर। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल है। मरीजों के लिए न पर्याप्त बेड हैं और न ही तीमारदारों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था। एडी स्वास्थ्य ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन को तीमारदारों के बैठने के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने के निर्देश पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बृहस्पतिवार को भी जिला अस्पताल के इमरजेंसी में मरीज और तीमारदार फर्श पर ही बैठे मजबूर हुए।
प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए पर्याप्त बेड तक नहीं हैं। नियमत: मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को बैठने के लिए कुर्सी होनी चाहिए, लेकिन एक अदद स्टूल भी नहीं है। इमरजेंसी, जनरल, पेइंग और आर्थो वार्ड में मरीजों के तीमारदारों के लिए एक भी कुर्सी नहीं रखी गई है। मात्र सर्जिकल वार्ड के बाहर ही कुर्सी रखी गई है। जिला अस्पताल की अव्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी को दो दिनों में जांच कर आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के निर्देश देते हुए रिपोर्ट मांगी थी। दो दिन में रिपोर्ट देने व कार्रवाई की बात तो दूर व्यवस्था में कोई तब्दीली नहीं आई है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी में बृहस्पतिवार को कई मरीज फर्श पर पड़े मिले। मरीज लेकर चिकित्सक के पास पहुंचे तीमारदार भी एक कोने में फर्श पर ही बैठे रहे। ऐसे तीमारदार भी मिले जिन्होंने मरीज को इमरजेंसी में चिकित्सक को दिखाने के बाद फर्श पर ही लिटा दिया। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल का कहना है कि अस्पताल की ओपीडी में तीमारदारों के बैठने के लिए व्यवस्था है। इमरजेंसी व अन्य स्थानों पर जो समस्या है, उसे एक-दो दिन में दूर कर लिया जाएगा।