सुल्तानपुर। कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद बुधवार से प्राथमिक विद्यालय खोले गए। लंबे समय के बाद विद्यालय पहुंचे बच्चों का शिक्षकों व स्टाफ ने स्वागत-सत्कार किया।
कई विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत पकवान बनाए गए तो कुछ विद्यालयों में बच्चों को मिष्ठान का वितरण किया गया। कुछ विद्यालयों में बच्चों के पहुंचने के पहले ही भवन को रंग-बिरंगी झंडियों एवं गुब्बारे से सजा दिया गया था।
विद्यालय के गेट पर रोली-चंदन लगाकर शिक्षकों ने बच्चों का स्वागत किया। कई जगह माल्यार्पण कर स्वागत की औपचारिकता निभाई गई। बीएसए दीवान सिंह यादव ने स्वयं विद्यालयों का निरीक्षण कर बच्चों के शिक्षण स्तर का जायजा लिया।
भदैंया विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पन्ना टिकरी में बच्चे टाट-पट्टी पर बैठे दिखे। कोविड नियमों के तहत छह फीट की दूरी के मानक का अनुपालन नहीं किया गया था। प्रधानाध्यापिका हीरावती पांडेय मेडिकल लीव पर थीं। सहायक अध्यापिका नीतू बरनवाल व शिक्षामित्र शीला द्विवेदी बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाती मिलीं।
विद्यालय में न तो हैंडवॉश की व्यवस्था थी और न ही सैनिटाइजर दिखा। विद्यालय परिसर गंदा मिला। अध्यापिकाओं ने बताया कि सफाई कर्मी विद्यालय में नहीं आता है। यहां नामांकित 64 के सापेक्ष 23 बच्चे उपस्थित मिले।
मोतिगरपुर विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बेलवारी में 76 बच्चों के सापेक्ष 41 उपस्थित मिले। उचित दूरी पर फर्नीचर पर बैठे बच्चे मास्क लगाए दिखे। शिक्षक भी मास्क लगाकर पढ़ाते मिले। मीनू के अनुसार बच्चों को भोजन व दूध वितरित किया गया।
प्रधानाध्यापक विजय शंकर वर्मा के मुताबिक 35 अभिभावकों से सहमति पत्र लिया गया। सफाई कर्मी परिसर की सफाई करते दिखे। वहीं रसोइया किचन में व्यस्त दिखीं।
जयसिंहपुर विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मुइली में बच्चों को प्रार्थना सभा में कोरोना के बारे में जानकारी दी गई तथा उससे बचाव के तरीके भी बताए गए। पहले दिन सभी बच्चों को मास्क दिया गया। कक्षाओं के संचालन के पूर्व सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बच्चों को बैठाया गया। विद्यालय में नामांकित 106 के सापेक्ष 61 बच्चे उपस्थित रहे।
बल्दीराय विकास खंड क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय गौहनिया में बच्चे बिना मास्क के बैठे मिले। विद्यालय में नामांकित 364 के सापेक्ष 172 बच्चे उपस्थित रहे। इसी दौरान बीईओ मनोजीत राव ने विद्यालय का निरीक्षण किया। मास्क न पहने होने पर उन्होंने प्रधानाध्यापक को मास्क उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सभी 10 अध्यापक, दो शिक्षामित्र व दो अनुदेशक मौके पर उपस्थित रहे।
लंभुआ विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर में जलभराव की वजह से बच्चों को असुविधा हुई। इंचार्ज प्रधानाध्यापक इलमा खातून ने बताया कि बारिश की वजह से जलभराव हुआ है। इससे बच्चों को आवागमन में असुविधा हो रही है। जलभराव के बारे में खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में सूचना दी गई है। पहले दिन 28 नामांकित बच्चों में से 22 उपस्थित हुए।
बल्दीराय ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कांपा को बच्चों के स्वागत के लिए सजाया गया था। फूल-माला, झंडी व गुब्बारों से सजाए गए विद्यालय गेट के सामने चूने से आओ स्कूल चलें हम लिखा गया था। शिक्षक/शिक्षिकाओं ने बच्चों के स्वागत के लिए रोली-चंदन व फूल-माला मंगाई थी। स्वागत कार्यक्रम की व्यवस्था सहायक अध्यापक संध्या, संगीता व कंचन की ओर से की गई थी। अभिभावकों ने भी बच्चों के स्वागत कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
करौंदीकलां ब्लॉक क्षेत्र के मगरसनकलां प्राथमिक विद्यालय पहुंचे बीएसए दीवान सिंह यादव ने बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया। इस मौके पर करौंदीकलां बीईओ गुलाब चंद्र, पूर्व डीसीटी डॉ. शरद सिंह, पंकज सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे। यहां से निकलकर बीएसए प्रतापपुर कमैचा के कंपोजिट विद्यालय कोथराकलां पहुंचे।
सीधे क्लास में पहुंचे बीएसए ने बच्चों को पढ़ाया। उन्होंने बच्चों से कुछ प्रश्न पूछे। कुछ बच्चे प्रश्नों का सही उत्तर न दे सके। इस पर बीएसए ने शिक्षकों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षण अधिगम स्तर को तत्काल सुधारें।
लंभुआ ब्लॉक प्रमुख डॉ. कुंवर बहादुर सिंह ने क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मुरली में निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया। बच्चों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए उन्होंने शासन की योजनाओं से परिचित कराया। प्रधानाध्यापक रणवीर सिंह ने बताया कि उपस्थित 67 बच्चों को पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। इस मौके पर डॉ. महेंद्र कुमार पांडेय, सुजीत पांडेय, प्रीती सिंह, श्वेता सिंह, संगीता व संजू पांडेय मौजूद रहीं।
बीएसए दीवान सिंह यादव ने बताया कि सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अपने क्षेत्र के विद्यालयों का निरंतर निरीक्षण करें। कहीं भी शिक्षण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी प्रधानाध्यापक व शिक्षकों को शिक्षण व्यवस्था दुरुस्त करते हुए लर्निंग गैप दूर कराने का निर्देश दिया गया है।