मोतिगरपुर में बढ़ौनाडीह स्थित पांडेयबाबा शाखा पर लटक रहा ताला।
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सुल्तानपुर। ग्रामीण बैंकों में निजीकरण की व्यवस्था के विरोध में सोमवार को अरेबिया (ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इंप्लॉइज एसोसिएशन) के आह्वान पर जिले के 79 ग्रामीण बैंक शाखाओं के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। एक दिवसीय हड़ताल से करीब 150 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। हड़ताल में 400 से अधिक बैंक कर्मचारी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों के निजीकरण व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जाहिर किया।
सोमवार को अरेबिया (ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इंप्लॉइज एसोसिएशन) के आह्वान पर जिले की बड़ौदा यूूपी ग्रामीण बैंक की 79 शाखाओं के कर्मियों ने एक दिवसीय हड़ताल की। हड़ताल के चलते सभी ग्रामीण बैंक शाखाओं में बैंकिंग कार्य पूरी तरह ठप रहा। बैंक कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर स्थित बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष दिन भर धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की। धरने को बड़ौदा यूपी बैंक एंप्लाइज यूनियन और ऑफिसर एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों ने संबोधित किया। ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुपम गोस्वामी ने कहा कि भारत सरकार क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का निजीकरण करना चाहती है। सरकार अपनी पूंजी प्रायोजक बैंकों को ट्रांसफर करने का षडयंत्र कर रही है। इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन चलाया जा रहा है। शिवकरन द्विवेदी ने कहा कि हमारी मांग है कि देश भर की सभी 43 ग्रामीण बैंकों को आपस में मिलाकर भारतीय राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना की जाय। प्रायोजक बैंकों का नियंत्रण पूरी तरह से समाप्त किया जाए।
कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष आनंद तिवारी ने कहा कि भारत सरकार ग्रामीण बैंक कर्मियों के प्रति सौतेला व्यवहार कर रही है। ग्रामीण बैंक कर्मियों को पूरी तरह से प्रायोजक बैंकों के समान सभी भत्ते और सुविधाएं अभी भी नहीं दी जा रही हैं। धरने के समापन पर बैंकिंग सचिव को संबोधित ज्ञापन क्षेत्रीय प्रबंधक को सौपा गया। इसका असर जिले की अन्य स्थानों पर स्थित ग्रामीण बैंक की शाखाओं में देखने को मिला। करीब 400 बैंक कर्मियों ने हड़ताल में शामिल होकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीण बैंकों के बंद होने से करीब 150 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।