सुल्तानपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने के बाद अधिकांश अधिकारियों ने उससे मुंह मोड़ लिया है। करीब पखवारे भर पहले गोद लेने के बाद डीएम, सीडीओ व पांच-छह अन्य अधिकारियों को छोड़कर अभी तक अन्य कोई जिला स्तरीय अधिकारी आंगनबाड़ी केंद्रों पर झांकने तक नहीं गया। इसकी वजह से केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी तक नहीं मिल सकी है।
शासन ने अधिकारियों के भरोसे आंगनबाड़ी केंद्रों के नौनिहालों को प्री प्राइमरी की शिक्षा देने की योजना बनाई है। इसके लिए शासन ने अधिकारियों को आंगनबाड़ी सेंटरों को गोद लेकर उसमें प्री प्राइमरी की शिक्षा की व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया है। शासन व डीएम के निर्देश पर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी समेत 33 अधिकारियों को 93 आंगनबाड़ी केंद्र पखवारे भर पहले गोद दे दिए। स्थिति यह है कि गोद लेने के बाद डीएम, सीडीओ, एसडीएम बल्दीराय व चार अन्य अधिकारियों को छोड़ अन्य जिला स्तरीय अधिकारी आंगनबाड़ी केंद्रों पर झांकने तक नहीं पहुंचे।
गोद लेने वाले अधिकारियों की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण नहीं करने से सेंटरों पर उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी नहीं मिल सकी। अधिकारियों की ओर से केंद्रों पर नौनिहालों के लिए प्री प्राइमरी शिक्षा विकसित करने में रुचि नहीं लेने से शासन की मंशा साकार नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से इसी सत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री प्राइमरी शिक्षा देने का कार्य पिछड़ रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी विकास चंद्र ने बताया कि गोद लेने वाले अधिकारियों ने केंद्रों का निरीक्षण करना शुरू कर दिया है। कुछ अधिकारियों की रिपोर्ट आ गई है। जल्द ही अन्य अधिकारियों की रिपोर्ट आने की उम्मीद है। गोद लिए गए केंद्रों पर इसी सत्र से प्री प्राइमरी की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
सेंटरों पर विकसित की जाने वाली सुविधाएं
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत नौनिहालों को खेल-खेल में प्री प्राइमरी शिक्षा देने की योजना शासन ने बनाई है। इसके लिए शासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए खेल सामाग्री, कुर्सी, जरूरी पुस्तकें समेत अन्य चीजें सहयोग लेकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को केंद्रों पर इन सुविधाओं के साथ बिजली, पानी, शौचालय आदि की व्यवस्था भी संबंधित विभागों से समन्वय करके उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।