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4800 अपात्र किसानों से 50 लाख रुपये की वसूली

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सुल्तानपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की धनराशि लेने वाले जिले के चार हजार आठ सौ अपात्र किसानों से कृषि विभाग ने 50 लाख रुपये की वसूली कर ली है। इन किसानों ने अपात्र होने के बावजूद प्रधानमंत्री किसान सम्मान की निधि हथिया ली थी। वसूली के दायरे में किसानों में आयकरदाता, पेंशनर व नौकरी पेशा वाले किसान शामिल हैं। इन किसानों ने कार्रवाई के डर से सम्मान निधि की धनराशि सरेंडर की थी। वसूली की कार्रवाई से किसानों में हडक़ंप मचा है।
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कृषि विभाग के पोर्टल पर जिले के चार लाख 39 हजार, 315 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से दो लाख 56 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 10वीं किस्त मिल चुकी है। बाद में पंजीयन कराने वाले किसानों को छठवीं से लेकर आठवीं तक किस्त मिली है। मृतक हो चुके और अपात्र किसानों की ओर से किसान सम्मान निधि की धनराशि लेने के मामलों को देखते हुए शासन ने गत दिनों इसका सत्यापन कराने का फरमान जारी किया था। शासन के निर्देश पर पिछले दिनों कृषि विभाग ने अपात्र किसानों का सत्यापन शुरू कराया। अपात्र किसानों को चेतावनी दी थी कि वे धनराशि सरेंडर कर दें। वसूली के डर से अपात्र किसानों ने पिछले दिनों किसान सम्मान निधि सरेंडर कर दिया था।
कृषि विभाग के मुताबिक अपात्र किसानों ने 20 लाख रुपये की धनराशि कृषि विभाग को सरेंडर की थी। धनराशि सरेंडर करने वालों में ज्यादातर आयकार दाता, पेंशनर व नौकरी पेशा किसान शामिल हैं। अकेले 13 लाख रुपये आयकर दाताओं ने ही सरेंडर किया था। धनराशि वापस नहीं करने वाले कई अपात्र किसानों के खिलाफ आरसी जारी की गई है। इस तरह अभी तक चार हजार आठ सौ अपात्र किसानों से 50 लाख रुपये की वसूली कृषि विभाग ने कर ली है। वसूली के दायरे में आने वाले किसानों ने गलत जानकारी देकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की धनराशि हथिया ली थी। वसूली की कार्रवाई से अपात्र किसानों में हडक़ंप मचा हुआ है।
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30 जून तक चलेगा सोशल ऑडिट
प्रधानमंत्री किसान सम्मान की धनराशि लेने वाले किसानों का सोशल ऑडिट कराया जा रहा है। जिले में 10 मई से शुरू हुआ सोशल ऑडिट 30 जून तक चलेगा। इसमें कृषि विभाग के कर्मचारी, संबंधित क्षेत्र के लेखपाल और पंचायत सचिव शामिल हैं। सोशल ऑडिट में शामिल कर्मचारी निर्धारित तिथि पर गांवों में जाकर किसान सम्मान निधि की धनराशि लेने वाले किसानों में से पात्र व अपात्र की पहचान कर रहे हैं।
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