सुल्तानपुर। लोगों की सहूलियत के लिए शासन की ओर से बनाई गई ऑनलाइन शिकायत की व्यवस्था भी अधिकारियों की लापरवाही से चरमराती जा रही है। उच्चाधिकारियों की सख्ती के बाद भी विभागीय अधिकारियों की ओर से ध्यान न दिए जाने से शिकायत कर्ताओं की समस्याओं का समय से समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे लंबित शिकायतों की संख्या बढ़कर 925 तक पहुंच गई है।
शासन ने लोगों को परेशानी से बचाने के लिए आईजीआरएस पोर्टल की व्यवस्था की है। पोर्टल पर कहीं से भी ऑनलाइन शिकायतें डाली जा सकती हैं। शासन की ओर से ऑनलाइन शिकायतों की व्यवस्था के बाद उसके निस्तारण में सुस्ती आ गई है। इसके पीछे विभागीय अधिकारियों की लापरवाही बताई जा रही है।
प्रशासन की ओर से संबंधित विभाग को शिकायत संदर्भित किए जाने के बाद भी विभागीय अधिकारी शिकायतों के समय से निस्तारण पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे जिले में विभिन्न विभागों की लंबित शिकायतों का आंकड़ा 925 के करीब पहुंच गया है। इनमें सर्वाधिक शिकायतें विद्युत वितरण की बताई जा रही हैं। शिकायतों का समय से निस्तारण न होने से जिले की श्रेणी भी गिर रही है।
आंकड़ों के अनुसार अभी तक जिले में करीब करीब 48,800 शिकायतें आईजीआरएस पोर्टल (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) पर दर्ज की गई हैं। इनमें से करीब 47,900 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। अभी विभिन्न विभागों की करीब नौ सौ शिकायतें लंबित पड़ी हैं।
आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने एक पटल की स्थापना कराई है। पटल से रोजाना शिकायतों के निस्तारण की मॉनिटरिंग की जाती है। इसके साथ ही निस्तारण की समीक्षा डीएम की ओर से बराबर की जाती है। इसके बाद भी कई विभाग निस्तारण पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की बुधवार को डीएम रवीश गुप्ता ने समीक्षा की। समीक्षा में कई विभागों की शिकायतें डिफॉल्टर की श्रेणी में पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित को शिकायतों के पारदर्शी व समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निस्तारण की रिपोर्ट आरजीआरएस सेल को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। कहा कि शिकायतों में लापरवाही पाई जाने पर कार्रवाई होगी।