फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक दरोगा बना पूरे पुलिस महकमे के लिए चुनौती

विज्ञापन
विज्ञापन
एक दरोगा पूरे महकमे के लिए चुनौती बन गया। उसे जमीन खा गई या आसमान निगल गया...। कभी मुरादाबाद में विधायक के घर पर उसकी लोकेशन मिली तो कभी लखनऊ में पुलिस अफसर के आवास पर।
विज्ञापन


लेकिन पुलिस ने आज तक कहीं भी दबिश नहीं दी। थाना पुलिस ने भी पड़ताल बंद कर दी तो अफसर भी चुनाव का बहाना बनाकर चुप्पी साधकर बैठ गए हैं।

कानूनगोयान के सर्राफ सतेंद्र रस्तोगी के अपहरण, हत्याकांड और फिर लाश को रामपुर के पटवाई में फेंके जाने के मामले में मूंढापांडे के पूर्व एसओ सैयद मंसूर आबिद और उसके चार हमराहों का नाम सामने आया था।
Trending Videos

खुलेआम घूम रहा दरोगा

दो को तो पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। लेकिन बाकी को अब तक नहीं ढूंढ पाई। कार्रवाई के नाम पर चंद रुपये का इनाम घोषित किया गया और फिर कुर्की की कार्रवाई शुरू करा दी गई। लेकिन गिरफ्तारी के लिए दबिश पिछले बीस दिन से बंद है।

सर्विलांस सूत्रों की मानें तो आरोपी एसओ की लोकेशन बरेली, लखनऊ, इलाहाबाद और रायबरेली के इर्द गिर्द ही है। उसके दोनों सिपाही भी साथ हैं। बाहरी जिलों में खुलेआम वह अपने करीबियों से मिल रहे हैं।
विज्ञापन

संपत्त‌ि कुर्क होगी

अफसरों और नेताओं के दरवाजे पर भी गुहार लगा रहे हैं। लेकिन जिले की पुलिस भगौड़ा बताकर हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

एसएसपी ने बताया कि दबिश के लिए टीमें बनाई गई थीं। अब तक कोई रिजल्ट सामने नहीं आया। उसकी संपत्ति कुर्क कराई जा रही है। संभवत: इससे पहले आरोपी सरेंडर कर दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें