उत्तर प्रदेश के मऊ में छात्रनेता कर्ण सिंह की लाश घोसी कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव मोहल्ले में बसपा के जिला उपाध्यक्ष पीसी राम के घर में मिलने के बाद बवाल मच गया। शव पर कई जगह चोट एवं गले में रस्सी का निशान था।
लाश लेने पहुंची पुलिस पर मोहल्ले वालों ने पथराव कर दिया। यहां से किसी तरह पुलिस लाश लेकर जिला अस्पताल आई। वहां छात्रों ने शव को पुलिस से छीनकर गाजीपुर तिराहा स्थित हाइवे पर रखकर जाम लगा दिया और ट्रक एवं बसों में तोड़फोड़ की।
कई घंटे पुलिस और छात्रों में झड़प हुई। बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को तितर बितर किया। छात्र नेता के पिता लाल बहादुर ने बसपा नेता, उसकी पत्नी, बेटी, बेटा एवं बहू पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के खालिसपुर निवासी कर्ण सिंह उर्फ पिंटू (20 वर्ष) डीसीएसके पीजी कालेज में बीए तृतीय वर्ष का छात्र है। वर्ष 2012 में छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था।
दर्ज रिपोर्ट के अनुसार घोसी कोतवाली के बड़ागांव निवासी बसपा के जिला उपाध्यक्ष पीसी राम उर्फ फूलचंद राम ने कर्ण सिंह से 50 हजार रुपये उधार लिए थे।
बुधवार को पीसी राम छात्र नेता कर्ण सिंह के घर आया और उसे कहीं लेकर चला गया। परिवार वालों ने कर्ण से संपर्क करना चाहा लेकिन मोबाइल बंद था। शुक्रवार को घोसी कोतवाली को बसपा जिला उपाध्यक्ष पीसी राम ने सूचना दी कि एक अज्ञात व्यक्ति की लाश उसकी बहू के कमरे में पड़ी है।
सूचना पर पहुंची पुलिस को अर्द्धनग्न अवस्था में कर्ण सिंह की लाश मिली। शरीर पर कई जगह चोट और गले में रस्सी के निशान मिले। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर जाने की तैयारी कर रही थी कि मोहल्लेवासियों ने बसपा नेता के घर एवं पुलिस पर पथराव कर दिया।
इसी बीच घोसी पहुंची जिलाधिकारी कुमुदलता श्रीवास्तव एवं पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद दुबे भी मौके पर पहुंच गए। उधर पुलिस ने शव रखकर जाम लगाए छात्रों को लाठी भांजकर खदेड़ा और शव को फिर लेकर पोस्टमार्टम हाउस में पहुंची।
जहां कड़ी सुरक्षा के बीच में पोस्टमार्टम हुआ। पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद दुबे का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला अवैध संबंधों में हत्या का लगता है। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।