उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का पुतला फूंकने एवं चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में सपा के पूर्व सांसद रामसागर रावत व पांच अन्य आरोपियों ने मंगलवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।
न्यायालय में हाजिर न होने पर एसीजेएम ने इन सब के खिलाफ कुर्की का आदेश जारी किया था। आरोपियों द्वारा जमानत अर्जी न देने पर कोर्ट ने मंगलवार को सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
मालूम हो कि 27 अक्तूबर 2008 को तत्कालीन सांसद रामसागर रावत ने नई सड़क तिराहे पर अपने समर्थकों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का पुतला जलाया था। आचार संहिता लागू होने के दौरान इस कृत्य से मुख्य मार्ग का आवागमन बाधित हो गया था।
घटना की रिपोर्ट उप निरीक्षक राजेंद्र कुमार सिंह ने थाना असंद्रा में पूर्व सांसद रामसागर रावत व उनके पुत्र राममगन रावत व बहू उर्मिला रावत समेत 34 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी।
मंगलवार को पूर्व सांसद रामसागर रावत पांच अन्य आरोपियों राममनोहर, रामसागर पुत्र बाबूलाल, गुरुसरन, मौजीराम व रमाकांत के साथ कोर्ट में हाजिर हुए।