छह वर्ष पूर्व हुए चंद्रदेव भारती हत्याकांड के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एहसानुल्लाह खां की अदालत ने दोष सिद्ध पाकर दोषी विंध्याचल राम को सात वर्ष की कैद व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं वादी मुकदमा को अर्थदंड की समूची धनराशि 25 हजार रुपये मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक झारखंड के गढ़वा निवासी जगदीश राम ने 27 फरवरी 2018 को विंढमगंज थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसके मझले पुत्र चंद्रदेव भारती का एक गांव की लड़की से प्रेम संबंध था। इसे लेकर 25 फरवरी को पंचायत बुलाई गई। भरी पंचायत में बेटे को अपमानित किया गया। लड़की ने बेटे की पिटाई की और उसमें मौजूद विंध्याचल राम ने धमकी भी दी। इसी से क्षुब्ध होकर बेटे ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। 26 फरवरी को उसकी लाश विंढमगंज रेलवे लाइन पर मिली। इस तहरीर पर पुलिस ने विंध्याचल राम के विरुद्ध केस दर्ज किया और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी विंध्याचल राम को सात वर्ष की कैद व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से एसपीओ एसपी वर्मा ने बहस की।