जिले में सरकारी गेहूं खरीद की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस वर्ष गेहूं का एमएसपी दर 40 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा है। पिछले वर्ष 1975 रुपये एमएसपी थी, वहीं इस वर्ष बढ़कर 2015 रुपये गेहूं की एमएसपी दर हो गई है। विधानसभा चुनाव बाद गेहूं खरीद के लिए विभाग की तरफ से पोर्टल खोला जाएगा। गेहूं बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
रबी विपणन वर्ष 2022-23 में एक अप्रैल से जिले में सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू होगी। सरकारी केंद्रों पर गेहूं की बिक्री के लिए किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। किसानों को अपना बैंक खाता सीबीएस युक्त शाखा में खुलवाना पड़ेगा। यह पंजीकरण किसान स्वयं जन सूचना केंद्र या साइबर कैफे के माध्यम से करा सकते हैं। किसानों को खाद्य विभाग के विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण कराते समय किसान को खसरा, फसल का रकबा, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर देना होगा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जो किसान 100 क्विंटल से अधिक गेहूं की बिक्री करेगा तो खरीद से पहले उसका उपजिलाधिकारी से सत्यापन कराया जाएगा। इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी संजय पांडेय का कहना है कि सभी अधिकारी व कर्मचारी अभी चुनाव में व्यस्त हैं। अभी धान खरीद भी हो रही है। धान खरीद पोर्टल बंद होने पर गेहूं खरीद के पोर्टल खोला जाएगा। बताया कि 15 मार्च के बाद जिले में गेहूं खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होगा।