एनसीएल की ओर से चल रहे पाइप शिफ्टिंग काम के दौरान परियोजना के चार आवासीय परिसरों समेत कार्यालयों में तीन दिनों के लिए जलापूर्ति बाधित रही। इससे आवासीय परिसर समेत तमाम ग्रामीण पानी की समस्या से जूझते रहे। लंबे अंतराल के बाद शुक्रवार को जलापूर्ति शुरू भी हुई तो गंदा पानी आने से लोगों में आक्रोश रहा। दुर्गंधयुक्त पानी आने की शिकायत के बाद लोगों को टैंकर से पानी की आपूर्ति शुरू कराई गई।
एनसीएल की कृष्ण्शीला, झिंगुरदह, सिंगरौली और ककरी परियोजना के आवासीय परिसर सहित आसपास के इलाकों में जलापूर्ति बंद होने से आवासीय परिसरों में लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। बिना पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के पानी के बंद होने से कर्मचारी सहित रहवासी परेशान रहे। चौथे दिन जलापूर्ति आरंभ भी हुई तो दुर्गंधयुक्त पानी आने से लोग भड़क उठे। क्षुब्ध रहवासियों ने परियोजनाओं के सिविल कार्यालय में पहुंचकर हो हल्ला मचाया। इसके बाद टैंकर की व्यवस्था कर हर घर तक जल पहुंचाने की कवायद की गई। बीकेकेएमएस इकाई अध्यक्ष कृष्णशीला केडी तिवारी ने बताया कि परियोजना की ओर से बिना पूर्व सूचना के पानी की आपूर्ति बंद किए जाने से लोगों को काफी समस्याएं उठानी पड़ी। पानी आने के बाद भी उसमें से गंदगी बह रही थी। वहीं सीएमएस सचिव कृष्णशीला नृपेंद्र चौबे ने बताया कि परियोजना की ओर से इस तरह तीन दिनों तक पानी बंद हो जाने से लोगों को काफी परेशानी हुई।
नवीन सड़क निर्माण के बाद पाइपलाइन शिफ्टिंग का काम पूरा कराने के लिए आपूर्ति बाधित की गई थी। पानी की आपूर्ति बहाल होने के बाद नलों से गंदा पानी आने की सूचना के बाद परियोजना क्षेत्रों में टैंकर की सहायता से पानी की आपूर्ति की गई। इससे चार परियोजनाओं को पानी नहीं मिल सका। - वीके कौशिक, सिविल स्टॉफ अधिकारी, कृष्णशीला।