काफी कोशिशों के बाद भी बात नहीं बनी तो अंतत: पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़, महासचिव बद्री सिंह गोंड सहित 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें घोरावल ले जाकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय में रखा गया।
पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए छह कांग्रेस नेता उभ्भा गांव पहुंच गए। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़ ने बताया कि प्रियंका गांधी के लखनऊ व अन्य जगहों पर कार्यक्रम के कारण वे लखनऊ गए थे। लेकिन प्रियंका गांधी ने उन्हें उभ्भा कांड की बरसी के मद्देनजर उभ्भा जाने का निर्देश दिया। इसके बाद वे शनिवार की भोर में उभ्भा पहुंच गए।
उभ्भा कांड की दूसरी बरसी पर प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लगाने के कारण सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हुआ। उभ्भा गांव चारों तरफ से सील कर दिया गया था। चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे। बाहरी लोगों को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उभ्भा कांड की दूसरी बरसी को लेकर घोरावल नगर से लेकर फुलवारी, घुवास कालोनी, कन्हारी मोड़, मूर्तियां, सपही, मिर्जापुर बॉर्डर आदि स्थानों पर पुलिस ने नाकेबंदी की थी।
गांव में पूरे दिन जिले एवं तहसील के आला अफसरों समेत खुफिया एजेंसियों के लोग डटे रहे। आदिवासी बहुल उभ्भा गांव में गांव में 17 जुलाई 2019 को जमीनी विवाद में हुए खूनी संघर्ष में गोंड़ समुदाय के 4 महिलाओं समेत 11 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 28 लोग घायल हुए थे। शनिवार को मृतकों की दूसरी बरसी को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क था। चार दिनों से उभ्भा गांव में गांव में जिले के आला पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का लगातार दौरा हो रहा था।