बताया जा रहा है कि इसमें से राजेश मिश्रा एक ऐसे लेखपाल रहे जो सबसे ज्यादा समय तक ओबरा क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र में तैनात रहे। वर्तमान में दोनों लेखपाल किसी अन्य क्षेत्र में तैनात थे। सूत्र बताते हैं कि एक व्यापारी को लाभ पहुंचाने के लिए उन्होंने पट्टा स्थल को लेकर गड़बड़ी की थी। प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि वर्ष 2016 में हुए पट्टे के मामले में जांच हुई थी। कार्रवाई वर्ष 2017 में की जानी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं हो सकी थी। उसी मामले में दोनों लेखपालों को निलंबित किया गया है।