कोशिश है कि इसी वर्ष उड़ान शुरू कर दी जाए। जिला मुख्यालय से करीब 100 किमी दूर म्योरपुर है। बता दें कि सब कुछ ठीक रहा तो साल के अंत तक आजमगढ़ और सोनभद्र के म्योरपुर एयरपोर्ट से यात्री उड़ान भर सकेंगे। आजमगढ़ में काम पूरा हो चुका है। फिलहाल, डीजीसीए की ओर से लाइसेंस प्रक्रिया चल रही है। एक से दो माह के अंदर उड़ान सेवा शुरू हो सकती है। दोनों एयरपोर्ट के शुरू होने से वाराणसी को मिला कर तीन हवाई अड्डे केवल पूर्वांचल में हो जाएंगे।