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किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष की कैद

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सोनभद्र। साढ़े आठ वर्ष पूर्व किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने दोषी को 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। उस पर 40 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। साथ ही जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित रहेगी। पांच आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया है।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 22 अप्रैल 2013 को उसकी बेटी (14) को बहला फुसलाकर शाहगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी रामचंद्र केशरी कहीं भगाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस कार्य में राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी शम्भूनाथ केशरी, रामसुमेर केशरी, संतोष केशरी, दिनेश केशरी व शाहगंज थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी सुरेश उर्फ बबलू केशरी का सहयोग रहा। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी रामचंद्र केशरी उर्फ रामू केशरी को 10 वर्ष की कैद एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं पांच आरोपियों शम्भूनाथ केशरी, संतोष केशरी, दिनेश केशरी, रामसुमेर केशरी व सुरेश उर्फ बबलू केशरी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश अग्रहरि एवं सत्यप्रकाश त्रिपाठी एडवोकेट ने बहस की।
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