सोनभद्र। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) से जिले में बनी 27 संपर्क मार्गों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। ये जांच कमिश्नर के निर्देश पर कराई जा रही है। जिले स्तर पर जांच के लिए प्रशासन की तरफ से चार टीमें गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
शासन व प्रशासन की तरफ से सड़कों के निर्माण व उसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बीते दिनों समीक्षा बैठक में कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्रा ने मुख्य विकास अधिकारी सोनभद्र को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की जांच कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को भी मिर्जापुर में हुई समीक्षा बैठक में कमिश्नर का जोर सड़कों के निर्माण व उसकी गुणवत्ता पर था। कमिश्नर के आदेश पर पीएमजीएसवाई से जिले में बनी 27 संपर्क मार्गों के जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनमें ज्यादातर संपर्क मार्गों का निर्माण कार्य दुद्धी तहसील क्षेत्र में हुआ है। सड़क निर्माण की तकनीकी जांच के लिए जिला प्रशासन की तरफ से चार विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो सड़क निर्माण विशेषज्ञ की निगरानी में जांच करेंगे। पीएमजीएसवाई से बने सड़कों की तकनीकी जांच करने के बाद इसकी रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से कमिश्नर को भेजी जाएगी। जांच आख्या के बाद मामले में कार्रवाई होगी। बता दें कि जिले में पीएमजीएसवाई से बनीं सड़कों के निर्माण में अनियमितता बरतने के आरोप लगते रहे हैं। खासकर दुरूह इलाकों में बने सड़कों की स्थिति काफी दयनीय है। ऐसे में माना जा रहा है कि सड़कों के निर्माण की तकनीकी जांच पूर्ण होने पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
कमिश्नर के निर्देश पर जिले में पीएमजीएसवाई से बनीं सड़कों की जांच कराई जा रही है। इसके लिए चार टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - डा. अमित पाल शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी-सोनभद्र।