कोविड-19 के कारण पांच महीने से बंद जूनियर हाईस्कूल मंगलवार से खुल गए हैं। सोनभद्र में तीन दिन बाद भी स्कूलों में पढ़ाई ढर्रे पर नहीं लौट पाई है। कहीं बच्चों की उपस्थिति कम है तो कहीं किताबें नहीं पहुंच सकी हैं। कहीं एमडीएम का संचालन ठप है तो कहीं टपकती छत के नीचे पढ़ाई के कारण बच्चे स्कूल जाने से हिचक रहे हैं।
शासन के निर्देश पर जिले में 16 अगस्त से कक्षा नौ से 12 तक के और 24 अगस्त से कक्षा छह से आठ तक के विद्यालय खुल गए हैं। अभिभावकों की सहमति से छात्र-छात्राएं स्कूल जा रहे हैं लेकिन कोरोना महामारी की तीसरी लहर की खौफ कहें या फिर ऑनलाइन क्लास चलने की वजह से स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत बहुत कम हो रही है। प्राइवेट विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या दो दिन की तुलना में बृहस्पतिवार को कुछ बढ़ी, लेकिन परिषदीय विद्यालयों में नाममात्र के विद्यार्थी पहुंच रहे हैं।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय राबर्ट्सगंज के प्रधानाध्यापक राजेश सिंह का कहना है कि कोरोना महामारी का खौफ अब भी अभिभावकों में है। विद्यालय खुले तीन दिन हो गए, लेकिन अभी 25 से 30 प्रतिशत ही बच्चों की उपस्थिति हो रही है। वहीं विमला इंटर कालेज के प्रधानाचार्य शिवनारायण लाल का कहना है कि छात्र-छात्राओं की संख्या में कुछ इजाफा हुआ है। पहले जहां 10 से 15 प्रतिशत बच्चेे विद्यालय आ रहे थे। बृहस्पतिवार को कक्षावार बच्चों की उपस्थिति 35 से 40 प्रतिशत रही। अभिभावकों के सहमति पत्र देने पर भी बच्चों को विद्यालय बुलाया जा रहा है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राबर्ट्सगंज की प्रधानाध्यापक वंदना सिंह का कहना छात्राओं की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। पढ़ाई सुचारु रूप से चल रही है।
चंदन और पुष्प लगाकर कर रहे स्वागत, फिर भी नहीं आ रहे बच्चे
विकास खंड दुद्धी अंतर्गत ग्राम पंचायत बुटबेढ़वा स्थित कन्या उच्च प्राइमरी विद्यालय में 30 प्रतिशत ही बच्चों की उपस्थिति हो रही है। कोविड-19 का पालन करते हुए बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिया जा रहा है। बच्चों को प्रेरित करने के लिए चंदन लगाकर व पुष्प का वर्षा कर बच्चे का स्वागत किया जा रहा है। प्रधानाचार्य राजकमल यादव ने कहा कि महामारी के कारण लंबे समय तक विद्यालय बंद रहा। विद्यालय खुलने पर कक्षा छह से आठवीं तक के बच्चों का प्रवेश व शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं। नामांकित 161 बच्चों में से वर्तमान में 52 बच्चे आ रहे हैं।
टपक रही छत, कैैसे चलेगी कक्षा
म्योरपुर के सिरसोती स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर है। बारिश होने पर छत से पानी टपकता है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई चल रही है। अध्यापकों का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर है। इस नाते कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई शुरू होने पर दिक्कत आ सकती है। जूनियर हाईस्कूल के भवन में कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की पढ़ाई चल रही है। क्षेत्र के अन्य स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों का कहना है कि परिषदीय स्कूलों में अभी तक बच्चों को पुस्तकें नहीं मिली है। इससे भी पठन-पाठन प्रभावित है।
जर्जर भवन को तोड़ने का आदेश देकर नवीन भवन बनवाने के लिए लिस्ट में नाम दे दिया गया है। जल्द नया भवन बन जाएगा। किताबें आ गई हैं। एक-दो दिन में वितरण कर दिया जाएगा। - हरिवंश कुमार, बीएसए।