प्रदेश में बिजली की मांग एक बार फिर से 20 हजार मेगावाट पार हो चुकी है। मांग में बढ़ोतरी को देखते हुए सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर पारीछा सी के बाद पारीछा बी व हरदुआगंज डी परियोजना की इकाइयों को भी लोड पर ले लिया गया है।
अंतिम चरण में मानसून की सक्रियता के कारण प्रदेश में एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। इससे तापमान में भारी गिरावट के कारण तीन दिन पूर्व बिजली की मांग 14277 मेगावाट के न्यूनतम स्तर पर आ गई थी। मांग में अप्रत्याशित गिरावट को देखते हुए सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर पारीछा व हरदुआगंज परियोजनाओं का उत्पादन शून्य करा दिया गया था। जबकि तकनीकी खराबी के कारण अनपरा परियोजना की छठी इकाई बंद चल रही है। अब बिजली की मांग उतरोत्तर बढ़ते हुए सोमवार सुबह तक 20461 मेगावाट पहुंच गई। शाम चार बजे तक ही सूबे में बिजली की मांग 17 हजार मेगावाट के करीब पहुंची देख बंद इकाइयों से भी उत्पादन प्रारंभ करा दिया गया।
अनपरा की छह और पारीछा सी की दोनों इकाइयां जहां फुल लोड पर चल रही हैं। वहीं हरदुआगंज डी व पारीछा बी की इकाइयों के भी रात तक फुल लोड पर आने की संभावना है। थर्मल बैकिंग न होने से निगम का उत्पादन भी बढ़कर 3477 मेगावाट पहुंच गया है। सोमवार शाम को अनपरा की सभी इकाइयों से 1885 और लैंको परियोजना से 1103 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। अनपरा परियोजना के सीजीएम इं. आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि छठी इकाई का अनुरक्षण कार्य अंतिम चरण में है। जल्द ही इस इकाई को भी उत्पादनरत कर लिया जाएगा।