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दर्दनाक: सोनभद्र में नागिन ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को डसा, मां-बेटी की मौत, बेटे की हालत गंभीर

Fri, 16 Sep 2022 06:09 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र

सार

चोपन थाना क्षेत्र में गुरुवार की रात सोते समय एक ही परिवार के तीन सदस्यों को सांप ने डंस लिया। मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है। 
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सर्पदंश का शिकार बालक विवेक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र के गौरवनगर में शुक्रवार अलसुबह सोते समय एक ही परिवार के तीन सदस्यों को सांप ने डंस लिया। घटना में मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि बेटे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद ग्रामीणों ने नागिन को लाठी से पीटकर मार डाला।

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गौरवनगर निवासी ईश्वर चंद्र भूसे की दुकान चलाते हैं। घर से थोड़ी दूरी पर पानी टंकी के पास मकान बनाकर रहते हैं। गुरुवार रात ईश्वर चंद्र पत्नी अनीता और बच्चों के साथ फर्श पर सो रहे थे। अलसुबह करीब पांच बजे बेटी सोनी (13) की चीख सुनकर ईश्वर चंद्र और अन्य सदस्यों की नींद खुली तो सांप भागते दिखा।

सोनी के शरीर पर सर्पदंश के निशान थे। कुछ ही देर में वह अचेत हो गई। ईश्वर चंद्र जब तक कुछ समझ पाता तब तक पत्नी अनीता (45) और पुत्र विवेक (10) की भी तबीयत बिगड़ने लगी। आनन-फानन तीनों को झाड़-फूंक के लिए ले जाया गया लेकिन कुछ लोगों के समझाने पर चोपन सीएचसी पहुंचे।

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सांप - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल पर तैनात चिकित्सक डॉ. अभय ने जांच के बाद सोनी को मृत घोषित कर दिया। वहीं अनीता और विवेक को एंटी स्नेक वैनम लगाते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर अनीता की भी मौत हो गई। विवेक की हालत गंभीर है। चोपन एसओ लक्ष्मण पर्वत ने बताया कि सर्पदंश से मां-बेटी की मौत हुई है। दोनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

काहे हमार दुनिया उजाड़ देहला हे भगवान...

कवने पाप क सजा देहला ऐ भगवान... काहे हमार दुनिया उजाड़ देहला... पत्नी और बेटी की मौत के बाद विलाप करते ईश्वर चंद्र के मुंह से बार-बार यही निकल रहा था। एक तरफ पत्नी और बेटी की लाश पड़ी थी तो दूसरी ओर बेटा अस्पताल में था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह अब क्या करे। घटना की खबर सुनकर पहुंचे नाते-रिश्तेदार उसे संभालने में जुटे थे लेकिन खुद हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे।

मूल रूप से घोरावल क्षेत्र के निवासी ईश्वर चंद्र दशकों से चोपन में ही रह रहे हैं। भूसा बेचकर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करने वाले ईश्वर चंद्र ने सिर छिपाने के लिए पानी टंकी के पास ईंट की दीवार खड़ी कर उस पर टीनशेड की छत लगाई थी। इसी मकान में पूरा परिवार रहता था।

सपना था कि पैसे इकट्ठे हो जाएंगे तो फिर पक्की छत डाली जाएगी। इससे पहले ही नियति ने परिवार को बड़ी आपदा से घेर दिया। हृदय विदारक घटना की खबर सुनकर लोगों की भीड़ जुट गई। चेयरमैन प्रतिनिधि उस्मान अली ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
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एसडीएम ओबरा राजेश सिंह, एसओ लक्ष्मण पर्वत भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने पीड़ित परिवार को आपदा राहत के तहत 4-4 लाख रुपये की मदद दिलाने का भरोसा दिया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के चार सदस्यीय दल ने बेटे विवेक का फौरी तौर पर उपचार शुरू किया, जिसके बाद उसकी तबीयत में सुधार हुआ।
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