स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। जिले में तैनात रहे एसीएमओ रहे डॉ. बीके अग्रवाल ने डीएम को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि चहेते दो फर्मों को 50 लाख एडवांस भुगतान करने के लिए उनसे हस्ताक्षर करा लिया गया है। एसीएमओ का यह पत्र वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
स्वास्थ्य विभाग में सरकारी धन के दुरुपयोग करने के दिन-प्रतिदिन नए मामले सामने आ रहेे हैं। पिछले दिनों सांसद पकौड़ी लाल कोल के बेटे और मिर्जापुर के छानबे विधायक राहुल प्रकाश ने सीएम से शिकायत की थी। इसकी जांच के लिए शासन ने आदेश दिया है। अभी यह मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब पूर्व एसीएमओ डॉ. वीके अग्रवाल का पत्र वायरल हुआ है। डीएम को भेजे पत्र में उन्होंने 50 लाख रुपये दो फर्म को एडवांस भुगतान करने के लिए चेक पर हस्ताक्षर करने का दबाव डालने की बात कही है। उन्होंने लिखा है कि आपत्ति के बावजूद डीएम का नाम लेकर ऑक्सीजन पाइप लगाने वाली एक फर्म व एक अन्य फर्म को 50 लाख का एडवांस भुगतान करा दिया गया। इस मामले में सीएमओ डॉ. नेम सिंह ने बताया कि नियम विरुद्ध किसी फर्म को भुगतान नहीं किया गया है। एडवांस भुगतान करने के लिए हस्ताक्षर करवाने का आरोप निराधार है।