घटना में शामिल दर्जनों शूटर जो घटना में रेकी करने आए थे, उसमें से सिर्फ पांच ही घटना में शामिल हुए और बाकी बाहर घूम रहे हैं। अपराधिओं के साथी जो पूरी घटना में साथ दे रहे थे गवाह को मानसिक प्रताड़ना देकर डराने, धमकाने और फिर से किसी बड़ी दुर्घटना को अंजाम देने की धमकी दे रहे हैं।
गवाहों और उनके परिवार को इस पूरे केस से हटने के लिए दबाव बना रहे हैं। ऐसा न करने पर शूटरों के साथी जो अन्य प्रांत में घूम रहे हैं उनके माध्यम से मुखबिरी करते हुए पीड़ित परिवार के सदस्य व गवाहों को जान से मरवा सकते हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एसपी और एडीएम को जांच कर कार्यवाही करने को कहा है।
रेणुकूट के चेयरमैन निशा सिंह ने बताया कि मेरे पति की हत्या कराने वाले जेल में बैठ कर कुछ लोगों से उनके ऊपर केस वापस लेने के लिए दबाव बनवा रहे हैं। लेकिन मैं अपने पति के हत्यारोपियों को सजा दिलवाने के लिए अंतिम दम तक संघष करूंगी। जिलाधिकारी से जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।