कोविड -19 के कारण छात्रों को प्रमोट करने का निर्णय विद्यार्थियों के भविष्य पर भारी पड़ रहा है। सबसे बड़ी परेशानी उन विद्यार्थियों को हो रही है, जिन्हें प्रमोट तो कर दिया गया। लेकिन उन्हें अंक नहीं प्रदान किया गया है।
प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने पिछले रिकार्ड के आधार पर अंक देकर छात्रों को प्रमोट कर दिया, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा पांच कक्षा और आठ के छात्रों को बिना अंक तालिका दिए ही प्रमोट कर दिया। जो अब छात्रों के लिए संकट का सबब बन रहा है। कक्षा आठ की अंक तालिका में अंक न होने या अंक तालिका नहीं बनाने के कारण हजारों छात्र एडमिशन के लिए भटक रहे हैं। क्योंकि अधिकांश स्कूलों में कक्षा नौ में प्रवेश के लिए कक्षा आठ की मेरिट को आधार बनाया जाता है। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों ने अब तक अंक तालिका ही जारी नहीं किए हैं और कुछ स्कूलों ने जारी भी किया है तो वह भी बिना अंक के ही प्रमोट लिखकर जारी किया गया है। इससे छात्रों को कक्षा नौ में एडमिशन के लिए समस्या आ रही है।
छात्रवृत्ति फार्म नहीं पर पा रहे
कक्षा नौ में प्रवेश लिए छात्र स्कालरशिप फॉर्म भी नहीं भर पा रहे हैं। क्योंकि प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति के उन्हें कक्षा आठ का अंक भरना पड़ता है। इसके कक्षा आठ में 50 प्रतिशत से अधिक अंक होने पर ही छात्रवृत्ति का लाभ मिलता है। लेकिन जिस तरह से कोविड के कारण छात्रों को बिना अंक के प्रमोट किया गया है, उससे छात्र किसी तरह एडमिशन तो पा ले रहे हैं। लेकिन उन्हें छात्रवृत्ति से वंचित होना पड़ सकता है। तो वहीं कक्षा नौ के अग्रिम पंजीकरण में भी परेशानी हो सकती हैं। क्योंकि पंजीकरण में भी पिछली कक्षा का ब्योरा भरना पड़ता है।
शासन के गाइडलाइन के अनुसार कक्षा पांच व आठ के छात्रों को प्रमोट किया गया है। शासन की ओर से अंक पत्र पर अंक देने संबंधी कोई निर्देश नहीं दिया गया है। जैसे ही कोई निर्देश प्राप्त होता है तो अंक पत्र जारी करने की व्यवस्था की जाएगी।
- हरिवंश कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी