बदलते मौसम के कारण सोमवार को भी प्रदेश में बिजली की मांग में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। पारा आंशिक बढ़ने के कारण बिजली की मांग घटकर 17 हजार मेगावाट से भी नीचे आ गई है।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और मैदानों में बूंदाबांदी के कारण सूबे में ठंड व गलन का प्रकोप कम होते ही बिजली की मांग में एक सप्ताह से लगातार गिरावट का क्रम जारी है। सोमवार सुबह यूपीएसएलडीसी के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 16462 मेगावाट दर्ज की गई। हालांकि दिन में बिजली की मांग रविवार की सापेक्ष अधिक रहने से अनपरा के बिजली घरों को फुल लोड पर चलाया गया। इस दौरान मांग पूरा करने के लिए रिहंद हाइड्रो के भी तीन टरबाइनों से 145 मेगावाट उत्पादन जारी रहा। दिन में निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना से थर्मल बैकिंग जारी रही। सोमवार को अनपरा ए से 500, बी से 837, डी से 955 और लैंको परियोजना से 756 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया। सोमवार को बादलों की ओट से झांकते सूर्यदेव को देख मौसम साफ होने के बाद ठंड व गलन में वृद्धि के साथ ही बिजली की मांग में फिर से बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।