विश्व हृदय दिवस पर जिला संयुक्त चिकित्सालय में बुधवार को मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. के कुमार की अध्यक्षता में गोष्ठी व पोस्टर प्रतियोगिता हुई। प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत किया गया।
मुख्य चिकित्साधीक्षक ने कहा कि अव्यवस्थित जीवनशैली और असंतुलित खानपान के चलते हृदय रोग के पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। भागदौड़ की जिंदगी में लोगों को अपने स्वास्थ्य कि ओर ध्यान देने का मौका नहीं मिल रहा है। इससे उन्हें शारीरिक रूप से खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। वरिष्ठ फिजिशियन डा. एसएस पांडेय ने कहा कि हृदय रोग किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकता है। महिलाओं में हृदय रोग की संभावना ज्यादा होती हैं। इसके बावजूद वे इस बीमारी के जोखिमों को नजरअंदाज कर देती हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को नियमित मधुमेह व हाइपरटेंशन की जांच करानी चाहिए। इस दौरान पोस्टर प्रतियोगिता हुई जिसमें साईं नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में पिंकी अंसारी प्रथम, अतुल कुमार द्वितीय और शिवानी यादव तृतीय रहीं। इस मौके पर डॉ. डीके सिंह, डॉ. केके सिंह, डॉ. एपी वर्मा, डॉ. प्रशांत शुक्ला, डॉ. वी सिंह, सविता, सौरभ आदि उपस्थित रहे।
स्कूली बच्चों को स्वस्थ रहने के बताएं टिप्स
दुद्धी। कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय दुद्धी में विश्व हृदय दिवस पर हृदय संबंधित रोगों की रोकथाम और उसके वैश्विक प्रभाव के बारे में छात्रों को जागरूक किया गया। डॉ. राजकुमार ने बच्चों को हृदय के कार्य, हृदय को स्वस्थ रखने, खेलों के माध्यम से स्वस्थ रहने और हृदय की क्षमता बढ़ाने पर विस्तार से जानकारी दी। अंत में बच्चों में प्रश्नोत्तरी के माध्यम से जानकारी ली गई। बच्चों ने बड़ी तन्मयता के साथ प्रश्नोत्तरी में भाग लिया।