बभनी विकास खंड के सागोबांध लैंपस पर सोमवार की रात ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। सचिव के ऊपर रात में कार्यालय खोलकर खाद की कालाबाजारी करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और ताला खुलवाया। इस दौरान पुलिस रात में दफ्तर खोलने वाले एक व्यक्ति को थाने लेकर चली गई। हालांकि पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
सरकार किसानों के हित में लाख प्रयास कर रही है लेकिन जिले में तैनात कुछ अधिकारी और कर्मचारी सरकार की मंशा पर पानी फेर दे रहे हैं। लैंपसों पर खाद सरकार पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा रही है लेकिन कई सचिवों की मनमानी से किसान परेशान हैं। लैंपस पर खाद है लेकिन किसानों को खाद नहीं मिल रही है। मजबूरन किसान प्रतिदिन लैंपस का चक्कर काटने को मजबूर हैं। सागोबांध में सोमवार रात आठ बजे लैंपस सचिव के एक व्यक्ति ने गोदाम खोला। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण एकत्र हो गए और कार्यालय में ताला बंद कर खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। इसकी सूचना पर बभनी इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह ने मौके पर पहुंच कर ताला खोलवाकर मामले को शांत कराया। ग्रामीणों का आरोप था कि खाद की कालाबाजारी के लिए रात में कार्यालय खोला गया था। मामला गंभीर होने पर पुलिस ने ताला खोलने वाले व्यक्ति को हिरासत में ले लिया और थाने लेकर चली गई। लैंपस सचिव रामाशंकर यादव को भी पूछताछ केे लिए थाने पर बुलाया गया। रमाशंकर यादव ने बताया कि गोदाम में करीब 100 बोरी डीएपी और खाद है। 500 बोरी और आ गई है। सभी किसानों में वितरण कर दिया जाएगा। मौके पर ग्राम प्रधान सागोबांध प्रतिनिधि गोपाल गुप्ता, अशोक खरवार, शिव मूरत, धरमजीत, विजय, दयाशंकर आदि थे। इस संबंध में बभनी थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने सचिव को गांववार खाद वितरण करने के लिए कहा है। यदि किसी तरह की लापरवाही की गई तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।