सोनभद्र। दुद्धी में कनहर नदी से बालू निकासी के लिए खनन पट्टे को लेकर एनजीटी के आदेश पर पांच सदस्यीय टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया। खनन पट्टे के लिए पूर्व में दी गई पर्यावरणीय स्वीकृति के संबंध में एनजीटी की ओर से दिए गए निर्देशों की जांच की। टीम को यह रिपोर्ट डीएम केे माध्यम से दो माह के अंदर एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत करना है। माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट जिले के अंदर भविष्य में होने वाले अन्य खनन पट्टों का भी आधार बनेगा।
कनहर नदी से बालू निकासी के लिए आरएसआई स्टोन वर्क्स को पट्टा आवंटित किया गया था। इसके लिए पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण ने पर्यावरण स्वीकृति जारी की थी। एक एनजीओ ने इस पर आपत्ति जताते हुए एनजीटी में याचिका दायर की थी। इसका संज्ञान लेते हुए एनजीटी ने पर्यावरण स्वीकृति को रद्द कर दिया था। केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर आदेश दिया था कि जिला प्रशासन के सहयोग से खनन पट्टा के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
एनटीजी ने जांच के लिए गंभीर प्रदूषण एरिया, प्रस्तावित रिजर्व वन क्षेत्र और राज्य की सीमा से दूरी को निर्धारित करते हुए दो माह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इसके तहत डीएम के निर्देश पर पांच सदस्यीय टीम ने दुद्धी पहुंचकर खनन क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। राजस्व अभिलेखों के आधार पर नाप-जोख कर रिपोर्ट तैयार की। टीम में एसडीएम दुद्धी रमेश कुमार, डीएफओ रेणुकूट, डीएफओ ओबरा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सहित पांच अफसर शामिल रहे।
एसडीएम दुद्धी रमेश कुमार ने बताया कि एनजीटी के आदेशानुसार टीम ने कोरमी, पिपरडीह आदि क्षेत्रों में राजस्व अभिलेखों के अनुसार नापी की है। प्रदेश की सीमा से दूरी का मिलान किया गया है। इसकी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. टीएन सिंह ने बताया कि पर्यावरण सुरक्षा के विभिन्न बिंदुओं को ध्यान रखते हुए जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसे शीघ्र एनजीटी को भेजा जाएगा।