एनसीएल परियोजना के सामाजिक निगमित दायित्व के तहत पिछड़े इलाकों में कई सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। अब एनसीएल ने आवासीय शिक्षा ग्रहण कर रहे शिक्षार्थियों को आधुनिक सुविधाओं की आवासीय सुविधा देने का फैसला लिया है। इसके लिए एनसीएल दुद्धीचुआ परियोजना की ओर से 95 लाख रुपये का बजट बनाया गया है।
एनसीएल दुद्धीचुआ की ओर से जिला प्रशासन को यह धनराशि दो किश्तों में उपलब्ध कराई जाएगी। इस एमओयू के तहत सोनभद्र जिले के म्योरपुर ब्लॉक के चपकी में संचालित सेवाकुंज आश्रम में पढ़ रहे एक हजार छात्रों के लिए कंप्यूटर लैब, सोलर किचेन, सेंट्रल साउंड सिस्टम, सीसीटीवी, वाईफाई, टीवी सेट आदि की व्यवस्था किए जाने का अनुबंध बना। इसके अलावा नवनिर्मित छात्रावास में विद्यार्थियों के सुविधापूर्वक रहने के लिए पर्याप्त फर्नीचर, गद्दे, चादर, वाटर कूलर, बर्तन इत्यादि की व्यवस्था की जाएगी। सामाजिक दायित्व के तहत बनाए गए इस अनुबंध पर एनसीएल की ओर से महाप्रबंधक दुद्धीचुआ क्षेत्र अनुराग कुमार और उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र सोनभद्र राजधारी गौतम ने हस्ताक्षर कर इसे मंजूरी दी।
एनसीएल के दुद्धीचुआ क्षेत्र की ओर से चपकी स्थित सेवाकुंज आश्रम में आदिवासी बच्चो को आवासीय शिक्षा देने के लिए लिए 24 कमरों का निर्माण कराया जा रहा है। इसकी कुल लागत साढ़े पांच करोड़ से अधिक है। इसके अलावा वहां छात्रावास के साथ ही दो करोड़ की लागत से एक हजार बच्चों के लिए रसोई घर व डाइनिंग हाल की व्यवस्था भी दी जा रही है। एनसीएल का मानना है कि इस छात्रावास से दूरस्थ क्षेत्रों मे रहने वाले बच्चों को बेहतर आवासीय शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।