नक्सल प्रभावित नगवां ब्लाक क्षेत्र में इन दिनों पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। हैंडपंपाें ने पानी छोड़ दिया है। ऐसे में सियरिया, नगवां, धोबी, वैनी, दुबेपुर गांव के लोगों को नदी, नाला और कुंआ के गंदे जल से प्यास बुझानी पड़ रही।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से टैंकर के जरिए पेयजलापूर्ति कराने की मांग की है। ग्रामीण रामप्यारे, मुन्ना, राजनरायन और संतोष जायसवाल का कहना है कि कई बार ब्लाक प्रशासन और जिला प्रशासन को
शिकायती पत्र देकर टैंकर से पेयजलापूर्ति सुविधा मुहैया कराए जाने की मांग की गई लेकिन आज तक ध्यान नहीं दिया गया। इसकी वजह से गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत से लोगों को जूझना पड़ रहा है।
छोटू और राजनाथ का कहना है कि नक्सल प्रभावित गांवों में एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार की ओर से विशेष सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ यहां पर सिर्फ कागजी सुविधा मिल रही है। ग्रामीणों ने डीएम से पेयजलापूर्ति सुविधा मुहैया कराए जाने की मांग की है।
उधर नगर क्षेत्र में भी पानी के लिए लोग परेशान हैं। टैंकरों से पेयजलापूर्ति न होने से नाराज राबर्ट्सगंज के पूरब मोहाल के रहवासियों ने बुधवार को नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
नपा प्रशासन पर टैंकरों से पेयजलापूर्ति न कराने का आरोप मढ़ा। चेतावनी दी कि यदि अविलंब पेयजलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
सुबह करीब नौ बजे वार्ड नंबर दो पूरब मोहाल के रहवासियों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ कहा कि वार्ड में लगे अधिकांश हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है।
इस नाते लोगाें को पानी के लिए इधर, उधर भटकना पड़ रहा है। कहा कि पूर्व में कई बार नगर पालिका प्रशासन को पानी की समस्या दूर करने के लिए पत्र लिखा जा चुका है।